नवीन कुमार
कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। किशोर स्वास्थ्य मंच एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की संयुक्त टीम द्वारा पी एम श्री राजकीय इंटर कालेज कोन में सुसाइड प्रिवेंशन वीक के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों को रोकने के उपाय बताना था।
कार्यक्रम में डॉक्टर हिमांशु ने विद्यार्थियों को समझाया कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है, सही समय पर परामर्श और उपचार लेकर हर कठिनाई से निकला जा सकता है। काउंसलर स्वाति पांडे ने किशोरावस्था में आने वाले तनाव, पारिवारिक दबाव और पढ़ाई से जुड़ी चिंताओं को साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि समस्या चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका हल बातचीत और मार्गदर्शन से संभव है।
साइकेट्रिक सोशल वर्कर सौरभ सिंह ने मानसिक रोगों के शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय रहते इलाज कराने की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी सोच बदलनी होगी। कमलेश कुमार, सिस्टर गीता देवी (एलएचबी) और सिस्टर प्रभावती ने भी विद्यार्थियों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श केंद्रों की जानकारी दी।
विद्यालय के शिक्षक विजय कुमार रावत, सूर्यकांत कुशवाहा, रामभगवत पटेल, आशीष कुमार सिंह, नीरज कुमार सिंह और अनुराग सिंह यादव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में कार्यालय सहायक बजरंगी लाल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों से खुलकर सवाल पूछे और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपनी शंकाएँ दूर कीं। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि “जीवन अनमोल है, हर समस्या का समाधान है, बस जरूरत है सही समय पर मदद लेने की।







