चंदौली जिले के नौगढ़ में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मजदूरी के लिए बाहर गए परिजनों के सात बच्चे अचानक लापता हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन सक्रिय हो गया और रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, चकरघट्टा थाना क्षेत्र के मजगाई गांव के सात बच्चे मंगलवार की सुबह अपने परिजनों के मजदूरी पर जाने के बाद घर से बाहर निकले। भूख लगने पर वे खाने की तलाश में इधर-उधर भटकते हुए जंगल की ओर चले गए। रास्ता भटकने के कारण सभी बच्चे सहरसताल–कचरिया के जंगल में जा पहुंचे।
रात तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। एसडीएम विकास मित्तल और सीओ नामेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जंगल में सर्च अभियान शुरू किया, जो देर रात तक चलता रहा।
अंततः विशेश्वरपुर गांव के पास स्थानीय निवासी रामजी वनवासी ने पुलिया पर बच्चों को रोते देखा। उन्होंने सभी बच्चों को अपने घर ले जाकर भोजन कराया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों और दो थानों की पुलिस ने बच्चों को सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया।
बच्चों की सुरक्षित वापसी पर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने राहत की सांस ली और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के त्वरित प्रयास की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। इस दौरान एसडीएम विकास मित्तल ने बच्चों को चॉकलेट देकर हौसला बढ़ाया और परिजनों को आश्वस्त किया।






