अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। फाइनेंशियल बिल 2025 में पेंशनर्स नियमों के बदलाव व अन्य तरीको से देश के करोड़ों पेंशनर्स के हितों पर हो रहे कुठाराघात के निवारण की मांग को लेकर आज जिलाधिकारी कार्यालय पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के लोगो ने धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरजबली सिंह पटेल ने कहा कि इस वर्ष के प्रारम्भ में आठवें वेतन आयोग की घोषणा से देश के कर्मचचारियों और पेंशनर्स में एक सन्देश गया कि सरकार अपने कर्मचारियों एवं पेंशनरों के वेतन एवं पेंशन का पुनरीक्षण 01 जनवरी, 2026 से करना चाहती है, जिससे एक खुशी का वातावरण उत्पन्न हुआ परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे निराशा भी होने लगी, क्योंकि अभी तक आठवें वेतन आयोग के गठन की कार्यवाही नहीं की गयी है। इसे लेकर कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनरों में निराशा का भाव उत्पन्न हो ही रहा था कि इसी मध्य फाईनेन्शियल बिल 2025 एक कानून के रूप में सामने आ गया।
इस बिल में पूर्व पेंशनरी नियमों में बदलाव करके पेंशनरों के समूह में भेद पैदा करने का प्रयास किया गया, जिसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि दिनांक 31 दिसम्बर 2025 तक सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। इस तरह पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण, कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण से डी-लिंक हो जायेगा।
वही अध्यक्ष ने कहा कि उक्त सभी समस्याओं पर अखिल भारतीय राज्य पेंशनर फेडरेशन द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर विचार किया गया और 22 अप्रैल को देश के समस्त जनपदों में धरना प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उक्त फेडरेशन से जुड़ा हुआ है, इसलिए निम्नलिखित मांगों को लेकर प्रदेश के समस्त जनपदों में धरना प्रदर्शन आयोजित कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिये जाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
इस मौके पर निर्मल शंकर श्रीवास्तव, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, अर्जुन प्रसाद सिंह, उदय लाल मौर्य, अवधेश सिंह, इंजीनियर राधेश्याम सिंह, रामराज राम, लक्ष्मण प्रसाद, जवाहरलाल मौर्य, रमाशंकर पांडे, साजिद अली, कलावती देवी, सूरज प्रसाद पाठक, जलधारी देवी, माध्यमिक शिक्षक से संतोष मौर्या व सुरेश कनोजिया आदि ने अपना विचार व्यक्त किया।
वही सभा के अंत में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उप जिलाधिकारी उपस्थित होकर ज्ञापन प्राप्त किया एवं प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उनको प्रेषित किए जाने का आश्वासन दिया ।







