अभिषेक अग्रहरी
O- 3500 छात्रों वाले कॉलेज में दिखी कम उपस्थिति
ओबरा (सोनभद्र) । युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से संचालित National Service Scheme (NSS) का सात दिवसीय विशेष शिविर मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा द्वारा प्रारंभ किया गया। शिविर का आयोजन चोपन क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खेरतीय प्रथम में किया गया है, जहाँ महाविद्यालय की चार इकाइयों के स्वयंसेवकों को समाज सेवा और सामुदायिक विकास से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
महाविद्यालय के सत्र 2025–26 के इस विशेष शिविर का संचालन प्रथम इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संघमित्रा, द्वितीय इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंजली मिश्रा, तृतीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आलोक यादव तथा चतुर्थ इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सचिन कुमार के निर्देशन में किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर स्वयंसेवकों को NSS के उद्देश्यों, समाज सेवा की भावना और ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका से अवगत कराया गया।

हालांकि उद्घाटन कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की उपस्थिति अपेक्षाकृत सीमित दिखाई दी। लगभग 3500 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले महाविद्यालय के इस शिविर में अपेक्षित संख्या में छात्रों की भागीदारी न होना चर्चा का विषय बना रहा।
खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर स्वयंसेवक
शिविर जिस प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, वहीं उसी समय विद्यालय की नियमित कक्षाएँ भी संचालित हो रही थीं। इसके चलते महाविद्यालय से आए स्वयंसेवकों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए खुले आसमान के नीचे बैठना पड़ा, जिससे व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे।
उद्देश्य बड़ा, भागीदारी छोटी
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को समाज सेवा, स्वच्छता, जागरूकता और ग्रामीण विकास जैसे कार्यों से जोड़ना है। ऐसे में यदि छात्र-छात्राओं की व्यापक भागीदारी और बेहतर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ, तो इस योजना के उद्देश्यों को जमीन पर अधिक प्रभावी तरीके से उतारा जा सकता है।
फिलहाल सात दिवसीय इस शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम, सामाजिक सर्वेक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न गतिविधियों के आयोजन की योजना बनाई गई है।






