अमित मिश्रा
राज्यपाल द्वारा विकास भवन के पंचायत रिसोर्स सेन्टर में विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, किट एवं सामग्री का वितरण किया
सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक आंगनबाड़ी किट पहुँचे, जिससे बच्चों को बैठने और पढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण मिल सके
खतौनी से सम्बन्धित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाये
केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सम्बन्धित लगायी गयी प्रदर्शनी का राज्यपाल ने किया अवलोकन
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जिस कार्य के लिए जो भी बजट की मांग की जाती है, उसका उपभोग समय से करना चाहिए और समय से बजट की मांग भी की जानी चाहिए ताकि योजनाओ का लाभ पात्र लाभार्थियों को मिले। उक्त बातें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को जनपद के विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेन्टर में विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, किट एवं सामग्री का वितरण के दौरान कही।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 200 प्री-स्कूल किट, 200 पोषण अभियान के अंतर्गत पोषण पोटली,500 आयुष्मान कार्ड, 50 वनाधिकार पट्टा , 10 मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र , 10 प्रधानमंत्री सूर्य योजना के एवं 10 मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के अन्तर्गत लाभार्थियों, 2 मोटराइज्ड दोना मशीन सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागी रहे बच्चों को प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ हो 10 अनाथ बच्चियों को 1100 रूपये का चेक प्रदान किया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि आज 200 आंगनबाड़ियों को किट उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक किट में कुर्सी, साइकिल सहित 22 से 23 प्रकार के उपकरण बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु दिए जाते हैं, ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी सुगमता से पढ़ सकें और आगे बढ़ सकें।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जो वनाधिकार के तहत आज लाभार्थियों को पट्टा दिया जा रहा है, इसके साथ ही वनाधिकार खतौनी का वितरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा किये जाने वाला यह कार्य सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा जो भी योजनाएं संचालित होती है, उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक के लोगों को मिले, बजट को समय से खर्च होने पर समाज के अंतिम व्यक्तियों, गरीब, असहाय, दिव्यांग, आदिवासी वर्ग के लोगों को इस योजना का लाभ समय से मिल जाता है। राजस्व विभाग द्वारा खतौनी से सम्बन्धित जो भी मामले होते हैं, उसका निस्तारण निर्धारित समय अवधि में किया जाना चाहिए, ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर खतौनी से सम्बन्धित मामलों के निस्तारण किये जाने चाहिए, समय से खतौनी से सम्बन्धित मामले के निस्तारण होने से व्यक्ति अपने जमीन का मालिकाना हक प्राप्त होता है और भूमि से सम्बन्धित विवाद की संभावना समाप्त होती है।

उन्होंने कहा कि भूमि से सम्बन्धित मामलों जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्परता के साथ कार्यवाही की जानी चाहिए, जिससे कि पीड़ित व्यक्तियों को समय से न्याय मिले, जिससे कि माफिया दबंग द्वारा किसी की भूमि पर गलत तरीके से कब्जा न कर सकें और किसी गरीब का शोषण न कर सकें। इच्छा व्यक्त की कि पूरे प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक इस प्रकार की सामग्री पहुँचे, जिससे बच्चों को बैठने और पढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण मिल सके।
राज्यपाल ने विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक 15 दिन में आधा घंटा निकालकर बच्चों के नाखून काटने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र की बच्चियों द्वारा प्रस्तुत गये सुन्दर व मनमोहक नृत्य की सराहना भी की।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2026 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे रोगियों को बेहतर देखभाल एवं पोषक आहार की आवश्यकता है। प्रदेश में टीबी मुक्त अभियान व्यापक स्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक डॉक्टर यह न घोषित करें कि रोगी पूर्णतः टीबी मुक्त हो गया है, तब तक पोषण पोटली निरंतर दी जानी चाहिए। टीबी रोगियों के साथ अछूत जैसा व्यवहार न किया जाय।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा संचालित आयुष्मान कार्ड योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसका लाभ जन-जन तक पहुँचना चाहिए। स्वामित्व कार्ड योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि घर का मालिकाना हक पति और पत्नी दोनों के नाम पर होना चाहिए, क्योंकि आज महिला स्वतंत्र और सशक्त हो चुकी है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सूर्य घर योजना को विशेष रूप से सराहा और कहा कि जनपद के प्रत्येक घर पर सोलर पैनल स्थापित कराए जाएं। उन्होंने जीरो पावर्टी योजना की भी प्रशंसा की और कहा कि इस योजना के अंतर्गत अच्छा कार्य हो रहा है। श्रम विभाग की योजनाओं से लाभार्थियों को मिली धनराशि का सदुपयोग शिक्षा एवं स्वास्थ्य में करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि एक भी रुपया व्यर्थ नहीं होना चाहिए।
वही राज्यपाल ने बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट एवं टॉफी वितरित कर प्रोत्साहित किया।
इस दौरान राज्यपाल ने विकास भवन के पंचायत रिसोर्स सेन्टर पर विभिन्न विभागों द्वारा केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सम्बन्धित लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कृषक बन्धुओं से मोटे अनाज की खेती के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दियें।
इस दौरान राज्यपाल ने 02 दिव्यांगजनों को ट्राईसाईकिल का वितरण भी की। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग, खादी विभाग, रेशम विभाग, उद्योग विभाग, महिला कल्याण विभाग, एनआरएलएम समूह, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, उद्यान विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन भी कीं।
इसके उपरान्त राज्यपाल ने विकास भवन के पंचायत रिसोर्स सेन्टर में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग की और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये स्टाल कैम्प में 100 बच्चियों को एचपीवी टीकाकरण शुभारम्भ कराया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग संजीव कुमार गोंड़, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, विधायक सदर भूपेश चौबे, विधायक घोरावल डॉ0 अनिल कुमार मौर्या, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिाकारी हेमन्त कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर, परियोजना निदेशक श्रवण कुमार राय, डीपीआरओ नमिता शरण सहित सम्मानित जनप्रतनिधिगण, अधिकारीगण व विभिन्न योजनाओं के लाभार्थीगण उपस्थित रहें।






