एनडीआरएफ ने किया आपदा सम्बन्धी मॉक एक्सरसाइज

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। 11वीं बटालियन एनडीआरएफ वाराणसी  के 30 सदस्यों द्वारा अल्ट्रा सीमेंट फैक्ट्री के कैंपस में मॉक ड्रिल का किया गया आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 11वीं बटालियन वाराणसी  के 30 सदस्यों द्वारा जनपद में आज टीम कमांडर इंद्रदेव कुमार के नेतृत्व में जिलाधिकारी बीएन सिंह के निर्देशनपर जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण व निजी सीमेंट फैक्ट्री के सहयोग से जनपद की कैमिकल बायलॉजिकल रेडियोलॉजिकल व न्यूक्लियर आदि विभिन्न आपदाओं पर ’आपदा संबंधी मॉक एक्सरसाइज व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहदेव कुमार मिश्रा जी द्वारा विभिन्न विभागों को अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहकर आपदाओं में सदैव तैयार रहने हेतु एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सभी फैक्ट्री कारखाने औद्योगिक इकाइयों की योजनाओं को अधिकतम करते हुए जिले की योजना जिले की आपदा प्रबंधन योजना को अधिकतम करने के प्रति जोर देते हुए संबंधित को निर्देशित किया गया और साथ ही साथ आपदाओं में किस प्रकार जिला प्रशासन द्वारा कार्य किया जाता है बचाव एवं राहत का उसके प्रति विस्तृत चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला आपदा विशेषज्ञ पवन कुमार शुक्ल द्वारा कार्यक्रम की पूर्ण रूपरेखा और इसके उद्देश्य को बताते हुए संबंधित अधिकारियों के व्यक्तिगत दायित्व व जिला प्रशासन के कार्यों का विस्तृत चर्चा कर जागरुक कर जनपद की विभिन्न प्रमुख आपदाओं पर प्रकाश डालते हुए संबंधित को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में एनडीआरएफ टीम द्वारा विस्तृत प्रयोगात्मक रूप से उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को किसी भी कारखाना आदि में यदि कोई गैस रिसाव या अन्य रसायनिक आपदा आने पर किस प्रकार एनडीआरएफ या अन्य जनपद स्तरीय विभिन्न विभागों द्वारा किस प्रकार से कैमिकल बायलॉजिकल रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर से घटित घटनाओं से बचाव करेंगे, इसको लेकर विस्तृत चर्चा प्रत्येक बिंदुओं पर प्रयोगात्मक तरीके से बता कर जागरूक किया गया।

एनडीआरएफ द्वारा उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के माध्यम से यदि कोई घटना घटित होती है तो उसमें किन किन उपयोगी संसाधनों के माध्यम से जवानों द्वारा बचाव का कार्य एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए किस प्रकार से हम कार्य करते हैं जिससे की नुकसान कम हो सके और उन्हें बेहतर तरीके से बचाए जाने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा कर उपस्थित अधिकारीयों को जागरूक किया गया। 

इस बात से भी अवगत कराया कि यदि आप इन कारखानों या किसी भी स्थान अग्निकांड की घटना घटित होती है तो उसमें किस प्रकार से बचाया जाए उसके बचाने के बेहतर तरीके क्या हो सकते हैं, जिससे की आग से व्यक्ति का नुकसान कम हो और उसको सुरक्षित बचाया जा सके।

कार्यक्रम में उपस्थित अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी द्वारा एनडीआरएफ द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उनके द्वारा बचाव एवं अन्य कार्यों के प्रति उत्साहित कर उपस्थित समस्त अधिकारियों को अपने दायित्व के प्रति सजग रहकर विभिन्न आपदाओं में बेहतर कार्य करने हेतु मार्गदर्शन दिए गए।

निजी सीमेंट फैक्ट्री के महाप्रबंधक द्वारा एनडीआरएफ की टीम व जिला प्रशासन एवं उपस्थित समस्त अधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उक्त मॉडल कार्यक्रम को सफल बनाने में अपेक्षित सहयोग हेतु अपने टीम के साथ-साथ सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।

कार्यक्रम के अंत में उक्त कार्यक्रम में जनपद के समस्त प्रमुख विभाग एवं अन्य स्टेकहोल्डर द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें विकास विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला पूर्ति विभाग, नगर निकाय, पशुपालन, कृषि, शिक्षा, विद्युत, परिवहन, जल निगम, अग्निशमन, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस व आपदा मित्र तथा कारखाना इकाई प्रमुख संदीप हिवारेकर, मानव संसाधन प्रमुख संजीव राजपूत, फाइनेंस प्रमुख प्रसम जैन, माइंस प्रमुख विवेक खोसला, टेक्निकल प्रमुख दीपक जोशी, एडमिन हेड बी.सिंह राठौड़, सेफ्टी हेड राजाराम एवं अन्य अधिकारीध्कर्मचारी मौजूद रहे।

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