मोदी-ट्रंप ट्रेड डील को तत्काल निरस्त किया जाय: रमेश गौतम

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सोनभद्र। आम आदमी पार्टी, सोनभद्र के कार्यकर्ताओं ने आज बढ़ौली चौक पर भारत अमेरिका ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रमेश गौतम ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ की गई ट्रेड डील को लेकर देशभर में गहरी चिंता और व्यापक आशंकाएँ व्याप्त हैं। इस ट्रेड डील की शर्तों, संभावित लाभार्थियों और दूरगामी प्रभावों को लेकर न तो संसद को विश्वास में लिया गया है और न ही देश की जनता के समक्ष पूर्ण पारदर्शिता बरती गई है। काशी प्रांत पूर्व उपाध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा देश यह भी भूला नहीं है कि राफेल सौदे के दौरान अनिल अंबानी की महज़ 12 दिन पुरानी कंपनी को ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने को लेकर व्यापक सार्वजनिक बहस और गंभीर प्रश्न उठे थे। उस समय भी यह आरोप लगा था कि सरकारी नीतिगत निर्णयों से चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को लाभ पहुंचाया गया। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष केवल कुशवाहा ने कहा मोदी सरकार पर आरोप है कि उसने देश के करोड़ों किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया है, क्योंकि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर 0 जीरो प्रतिशत टैक्स वसूलेगा, और सबसे गंभीर बात यह है कि भारत का कृषि बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है।पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा अमेरिका में किसानों को लगभग 80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है; ऐसे में भारतीय किसान ऐसी किसी सब्सिडी के अभाव में उनसे कैसे प्रतिस्पर्धा करेगा। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार मौर्या ने कहा इस डील में कुछ चुनिंदा वस्तुओं के साथ “और अन्य उत्पाद” जैसे शब्द जोड़कर भविष्य में और अधिक क्षेत्रों को खोलने की गुंजाइश रखी गई है, जिससे देश की आर्थिक सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा दोनों पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। जिला सचिव शिवम सिंह घमड़ी ने कहा किसानों, एमएसएमई, छोटे व्यापारियों, युवाओं और मध्यम वर्ग पर इस ट्रेड डील का क्या प्रभाव पड़ेगा — इस पर कोई विस्तृत श्वेत पत्र या संसदीय चर्चा अब तक सामने नहीं आई है। यदि यह डील भारतीय बाजार को असंतुलित तरीके से विदेशी हितों के लिए खोलती है, तो इसका सीधा दुष्प्रभाव कृषि, रोजगार और स्थानीय उद्योगों पर पड़ेगा। किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष विवेक पांडे ने कहा यह केवल आर्थिक समझौता नहीं बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और कृषि संरचना पर सीधा प्रहार है। इससे छोटे किसानों की आय पर असर पड़ेगा, स्थानीय बाजार विदेशी कंपनियों के लिए खोले जाएंगे और आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। आज के कार्यक्रम में शामिल रहे दिनेश पटेल, राजेंद्र मौर्या, अनवर अली अंसारी, राजेश कुमार, श्रीमती शैल कुमारी शमशाम अली, ललित पटेल, लक्ष्मीनारायण गोविंद चौबे, नागेंद्र कुमार मौर्या, मुनौयर अली, असलउद्दीन, जोखन पटेल, श्रवण कुमार आदि।

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