खनन हादसा दुःखद,घटना स्थल पर जाने से प्रशासन द्वारा रोका जाना तानाशाही: छोटेलाल खरवार

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अमित मिश्रा

जनपद में अवैध खनन हादसे का जिम्मेदार कौन :राम निहोर यादव

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में हुए खनन हादसे के बाद घटना स्थल पर जाने के लिए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम निहार यादव एवं सांसद छोटेलाल सिंह खरवार कार्यकर्ताओ के साथ गए जहाँ जिला प्रशासन ने जाने से रोक दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने कहा कि जनपद के बिल्ली मारकुंडी के कृष्णा माइनिंग वर्क्स पत्थर खदान में शनिवार को समय शाम को भारी चट्टान धसने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 18 मजदूरों के दबे होने की आशंका है जिसमें से एक शव बरामद किया गया है ।

समाजावादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार और जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव कार्यकर्ताओं के साथ घटना स्थल पर जा रहे थे जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा दिया गया। जिस पर सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि इस आदिवासी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर माफियाओं की मिली भगत से अवैध खनन किया जा रहा है। जिससे आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और ऐसी घटनाओं को दबा दिया जाता है लेकिन यह हादसा बड़ा था जिसके कारण दबाया नहीं जा सका जबकि शनिवार को हुए अवैध खनन हादसे से 5 किमी दूरी पर चोपन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर आए हुए थे।समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम कुछ ही दूरी पर विस्फोट हो रहे इतने विस्फोटक खनन माफिया के पास कहां से आ रहे हैं क्योंकि अवैध खनन के लिए इतने विस्फोटक खनन माफियाओं को मुहावाया कैसे हो जा रहा है। खनन माफियाओं एवं प्रशासन को इतनी भी पैसे की क्या भूख की मुख्यमंत्री के उपस्थिति में भी विस्फोटक से पहाड़ों को झील में बनाया जा रहा है । वर्षों से खनन माफिया बिना मानक नियम कानून के खुलेआम उड़ा रहे हैं नियम कानून की धज्जियां उड़ा रहे है जबकि खनन का प्रभार मुख्यमंत्री के पास है जिसका जिम्मेदार कौन ।

समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि वर्षों से क्षमता से अधिक खदानों में हो रहा है । जिससे खनन क्षेत्र की स्थिति बहुत भयावक है जिला प्रशासन व खनन विभाग की कार्यशैली संदिग्ध है जांच के नाम पर कुछ समय के लिए फॉर्मेटलिटी की जाती है । समाजवादी पार्टी शासन प्रशासन से मांग करती है कि मृतक परिजनों के परिवार वालों को 50-50 लाख मुआवजा दिया जाए और प्रत्येक मृतक परिजनों के परिवार वालों को एक-एक सरकारी नौकरी दिया जाए नहीं तो समाजवादी पार्टी जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ।

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