O- क्रेशर प्लांट बना मौत का मैदान, बग्घानाला हत्याकांड ने फिर हिला दी सोनभद्र की कानून-व्यवस्था
O- अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है: अविनाश कुशवाहा
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के बग्घानाला स्थित क्रेशर प्लांट में सो रहे क्रेशर मालिक हरि उपाध्याय की सिर कुचलकर की गई निर्मम हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोनभद्र में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। इस नृशंस वारदात ने न केवल पूरे जिले को दहला दिया है, बल्कि खनन, उद्योग और व्यापार जगत में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हत्या कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि उस अपराधी सिलसिले की कड़ी है, जिसने बीते वर्षों में सोनभद्र को बार-बार शर्मसार किया है। खुले प्लांट परिसर में सो रहे एक व्यवसायी की बेरहमी से हत्या होना, सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर सवाल खड़े करता है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा-
“सोनभद्र में अपराध अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है। क्रेशर प्लांट में सो रहे व्यवसायी की हत्या यह साबित करती है कि जिले में कानून का भय खत्म हो गया है। भाजपा शासन में अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है। जब उद्योगपति, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार किस सुशासन की बात कर रही है?”
उन्होंने आगे कहा कि-
“चोपन चेयरमैन इम्तियाज अहमद की गोली मारकर हत्या, रेणुकूट चेयरमैन बबलू सिंह की हत्या, उभ्भा नरसंहार और रॉबर्ट्सगंज में धर्मेंद्र पटेल व उनकी पत्नी की निर्मम हत्या—ये सभी घटनाएँ बताती हैं कि सोनभद्र लगातार अपराध की आग में झुलस रहा है। इसके बावजूद सरकार और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं।”

अविनाश कुशवाहा ने बग्घानाला हत्याकांड की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक संगठित अपराधियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएँ रुकने वाली नहीं हैं।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का भी यही कहना है कि जिले में लगातार हो रही हत्याओं, वसूली, चोरी और संगठित अपराध ने आमजन को असुरक्षित कर दिया है। लोगों का आरोप है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस कार्रवाई ज़मीन पर दिखाई नहीं दे रही।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन बग्घानाला हत्याकांड ने प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है?
“क्या सोनभद्र में अपराध पर अब लगाम लगेगी, या फिर यह जिला अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता चला जाएगा?”






