आय कर विभाग ने बसपा विधायक व अधिवक्ता समेत दर्जनो खनन कारोबारियों के कार्यालय व घर पर की छापेमारी

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अमित मिश्रा

दर्जनों गाड़ियों पर लगे रहे शादी विवाह का स्टिकर

होली से पहले खनन क्षेत्र में मचा हड़कंप, दस्तावेज खंगालने में जुटी टीमें

छापेमारी टीम में रायबरेली, उत्तराखंड व लखनऊ की टीम रही शामिल


सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद के बिल्ली मारकुंडी पत्थर खनन क्षेत्र में बुद्धवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आयकर विभाग की दर्जनों टीमों ने ओबरा-चोपन व डाला में एक साथ आधा दर्जन से अधिक खनन कारोबारियों के घरों और कार्यालयों पर छापेमारी की। आय कर विभाग ने यह कार्रवाई सुबह तड़के शुरू की, जिससे पूरे खनन क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस छापेमारी को आय कर विभाग ने इस तरीके से अंजाम दिया कि दर्जनों गाड़ियों पर विवाह का स्टिकर लगा कर पहुंचे ताकि कोई समझ न सके ,वही  होली पर्व से ठीक पहले हुई इस बड़ी कार्रवाई से कारोबारियों और संबंधित लोगों में सियापा छा गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की टीमें स्थानीय पुलिस बल के साथ पहुंचीं और संबंधित कारोबारियों के आवास, दफ्तर तथा अन्य प्रतिष्ठानों को घेर लिया। इसके बाद टीमों ने अंदर प्रवेश कर जरूरी दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और बैंक खातों से संबंधित कागजातों की गहन जांच शुरू कर दी। कई स्थानों पर कर्मचारियों और परिजनों से पूछताछ भी की गई।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई खनन कारोबार में आय और व्यय के बीच कथित असमानता, टैक्स चोरी और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर की गई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच कई महीनों से चल रही थी और पुख्ता इनपुट मिलने के बाद एक साथ छापेमारी की रणनीति बनाई गई।

इस छापेमारी का खनन क्षेत्र के व्यापारिक गतिविधियों पर इसका सीधा असर देखा गया। कई खनन साइटों पर कामकाज धीमा पड़ गया, वहीं परिवहन और लोडिंग गतिविधियों में भी कमी आई।

टीम में शामिल :- इस दौरान छापेमारी करने वाली टीम ने रायबरेली, उत्तराखंड, लखनऊ आदि जिलों के नंबरों वाली एक जैसी लगभग डेढ़ दर्जन गाड़ियों पर विवाह का पोस्टर लगाकर अचानक खनन व्यवसायियों के घर पहुंच गए।

वही छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद जैसे ही मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे लेकिन पूरी टीम मीडिया से दूरी बनाते रहे। छापेमारी टीम में कुछ महिलाएं भी शामिल रही। यहां तक कि गाड़ी के चालक भी कुछ बताने से कतराते रहे। इस दौरान मीडिया कर्मियों को फोटो खींचने से मना किया गया। छापेमारी टीम के साथ चल रही पुलिस बल किसी भी व्यक्ति को आस पास भटकने नहीं दे रही थी। इसके अलावा जो घर में अंदर था उसे बाहर नहीं आने दिया गया। वही जो बाहर था तो उसे अंदर नहीं जाने दे रहे थे।

इन व्यवसायियों के घर हुई छापेमारी:-  ओबरा के खनन व्यवसायियों में प्रमुख रूप से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से सम्बंधित स्थल पर की गई छापेमारी के अलावा अजय सिंह, चंद्र भूषण गुप्ता, खनन व्यवसायी व अधिवक्ता एसके चौबे, देवेंद्र केशरी आदि लोगो के आवास पर एक साथ एक ही समय पर पहुंचकर छापेमारी कर घर के अंदर प्रवेश कर जांच पड़ताल शुरू कर दिया।

वही छापेमारी के दौरान पूरी जांच टीम के लिए नगर के एक प्रतिष्ठित होटल से दोपहर का भोजन भी टीम ने स्वयं से मंगाया। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि टीम लंबे समय तक जांच करेगी। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी रहा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

इस छापेमारी को लेकर कारोबारी वर्ग में चर्चा का बाजार गर्म है और लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उधर, आयकर विभाग की टीमें देर शाम तक दस्तावेजों की जांच और सीलिंग की कार्रवाई में जुटी रहीं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है।

फिलहाल 15 नवम्बर 2025 को बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के पत्थर खदान में हुए हादसे के बाद केंद्र सरकार की निगाह इस खनन इलाके पर पड़ी और केन्द्रीय खान सुरक्षा निदेशालय की टीम ने पूरे खनन इलाके का जायजा लिया। जिससे कयास लगाया जा रहा है कि अंधाधुन अवैध खनन से गगनचुम्बी इमारतें तानने वाले कारोबारी व नेता जो सफेदपोश बन कर राजस्व की चोरी कर रहे है और धनबल के दम पर कई राजनीतिक दलों को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे है वह अब सरकार की टारगेट पर है।  वही खनन क्षेत्र में होली की तैयारियों के बीच छापेमारी की इस कार्रवाई ने माहौल को गरमा दिया है और पूरे जनपद में यह छापेमारी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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