चंदौली के पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे नौगढ़ थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को थाना परिसर के सभागार में एक उच्च स्तरीय पुलिस बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) दिगम्बर कुशवाहा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा, नक्सल गतिविधियों की रोकथाम और सुरक्षाकर्मियों के कल्याण जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) दिगम्बर कुशवाहा ने बैठक में कहा कि नौगढ़ क्षेत्र उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटा हुआ है, जिससे यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। हालांकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निगरानी तंत्र को और सख्त किया जाए तथा जेल से छूटे या जमानत पर बाहर आए पूर्व नक्सलियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि इलाके में नियमित रूप से कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित नक्सली गतिविधि की शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर कार्रवाई की जा सके। दुर्गम इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाने पर विशेष बल दिया गया।
सुरक्षाबलों के मनोबल को बनाए रखने के लिए उनके सामने आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई। एएसपी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय को मजबूत करने और खुफिया एजेंसियों (आईबी व एलआईयू) के साथ सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, पीएसी और खुफिया इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल से ही क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम रखी जा सकती है।
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी पीएसी, क्षेत्राधिकारी चकिया, नक्सल प्रभावित चौकियों के प्रभारी, पीएसी के प्लाटून कमांडर, आईबी व एलआईयू के अधिकारी तथा थाना नौगढ़ के पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और नक्सल विरोधी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।







