म्योरपुर, सोनभद्र। म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम परिसर में शुक्रवार को उप प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश सिंह पटेल और रेंजर जबर सिंह यादव ने जैविक खेती की प्रक्रिया और उसके लाभों की जानकारी ली। इस दौरान विशेषज्ञ शिव शरण सिंह ने जैविक खाद तैयार करने की विधि बताते हुए रासायनिक और जैविक खाद से होने वाले उत्पादन के अंतर पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञ ने कहा कि जैविक खेती आज की आवश्यकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की जैव विविधता बनी रहती है, जबकि रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से भूमि ऊसर होती जा रही है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। वन अधिकारियों ने आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर वन संरक्षण में सहयोग की अपील की। इसके बाद अधिकारियों ने कठौंधी वन क्षेत्र में प्रस्तावित पौधरोपण के लिए खोदे जा रहे गड्ढों का निरीक्षण किया। उन्होंने वन कर्मियों को निर्देश दिए कि गड्ढे खोदते समय प्राकृतिक पौधों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही रोपण योजना में स्थानीय और उपयोगी प्रजातियों को शामिल करने पर जोर दिया, जिससे जंगल घना होने के साथ लोगों को भी लाभ मिल सके। मौके पर गोविंद, चंद्रभान सहित अन्य वन कर्मी रहे।





