अमित मिश्रा 8115577137
सोनभद्र । वन विभाग की लापरवाही से जंगल नष्ट, भूमि में अवैध बदलाव और पौधरोपण विफल, स्थानीय ने की उच्चस्तरीय जांच की मांगनभद्र, उत्तर प्रदेश
वन विभाग की लापरवाही से जंगल नष्ट, भूमि में अवैध बदलाव और पौधरोपण विफल, स्थानीय ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

सोनभद्र जिले के नगवं थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत होसरा, मड़ई, सोहदाद, मड़ुआ-चौर एवं सोमा-काशी में वन विभाग द्वारा जंगलों की मिट्टी की खुदाई और भारी मशीनरी से बड़े पैमाने पर भूमि का गड़होकरण किए जाने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बर्फ जैसे संवेदनशील बेल्ट क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर अवैध गड्ढे खोदे गए और बढ़ते भारत में वनों की रक्षा व संवर्धन के प्रयासों को बर्बाद किया गया है।

स्थानीय निवासी शिव शम्भल सिंह उर्फ पुजारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय एवं उत्तर प्रदेश शासन सहित उच्च स्तरीय अधिकारियों को प्रेषित एक ज्ञापन में बताया है कि वन विभाग द्वारा पहले पुराने जंगल को भारी बुलडोज़रों से उजाड़ दिया गया, लेकिन जहाँ वर्षा आधारित पौधरोपण किया गया था वहाँ आज तक कोई पौधा नहीं बचा है और विभागीय पौधरोपण में गंभीर तथा जवाबदेही का अभाव देखा गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि-
➡ जंगलों की मिट्टी खोदने तथा भारी मशीनों द्वारा गड्ढों के निर्माण की प्रकृति एवं वैधता का सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
➡ जहाँ वन विभाग का भूसमेत पुनःरोपण किया गया, वहाँ एक भी पौधा जीवित नहीं बच पाया।
➡ स्थानीय ग्रामीणों को क्षेत्र में हो रहे इस पर्यावरणीय नुकसान के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।
इस गंभीर विषय को उठाते हुए शिव शम्भल सिंह ने राश्ट्रपति कार्यालय, प्रधान सचिव (मुख्यमंत्री), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन मंत्री समेत केन्द्र और राज्य के शीर्ष अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाइयों की मांग की है।
पत्र में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि मामला केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय तौर पर पर्यावरण संरक्षण की संवैधानिक जिम्मेदारी से जुड़ा है।






