चंदौली जिले के नौगढ़ जयमोहनी रेंज के चोरमरवा बीट में वन विभाग ने शुक्रवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने जंगल भूमि पर बनी झोपड़ियों, कच्चे ढांचों और अवैध खेती को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान रेंजर अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में चलाया गया।
वन विभाग को जंगल में पेड़ काटकर खेती करने और कच्चे ढांचे बनाने की शिकायतें मिली थीं। सूत्रों के अनुसार, हरियाबाद बीट में पुलिस बल न मिलने के कारण पिछली कार्रवाई टालनी पड़ी थी। हालांकि, मुकदमा संख्या 12/2025-26 में दर्ज अवैध कब्जों पर तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया। लगातार चेतावनी और मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ा गया था।

रेंजर अमित श्रीवास्तव ने इस संबंध में कहा, “जंगल किसी की निजी जागीर नहीं है। झोपड़ी डालकर या पेड़ काटकर खेती शुरू करना पूरी तरह अवैध है। समझाने पर भी न मानने वालों को हर हाल में हटाया जाएगा। वन और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग वास्तविक वनवासियों के हितों की रक्षा करेगा, लेकिन बाहर से आकर जंगल हड़पने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन का उपयोग कर झोपड़ियों, कच्चे ढांचों और अवैध खेती को कुछ ही मिनटों में हटा दिया गया। अभियान को सफल बनाने के लिए मझगाईं और नौगढ़ रेंज की टीमें भी मौके पर मौजूद थीं।

इस अभियान में वन दरोगा सोमेश प्रथम, सोमेश द्वितीय, महेंद्र प्रताप, शोभित श्रीवास्तव, प्रशांत कुमार, गुरुदेव, जागृति यादव, सावित्री सहित वन रक्षक प्रेम सिंह, मुलायम सिंह, चंद्रशेखर यादव, भोला नाथ यादव, प्रमोद यादव, निर्भय सिंह, धर्मवीर, अभिषेक, बीरबल, राजेंद्र, शिवपाल और बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे।
वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश गया है कि जंगल पर अवैध कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है।








