वीरेन्द्र कुमार
विंढमगंज(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय थाना क्षेत्र के केवाल गाँव में पाँच दिन पहले बंधी में डूबे 14 वर्षीय आशिष कुमार का शव गुरुवार सुबह पानी की सतह पर तैरता हुआ मिला। रोज़ की तरह सुबह बंधी की ओर गए ग्रामीणों ने जब पानी में शव देखा तो हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत शोर मचाते हुए परिजनों और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर पहुँची पुलिस टीम ने शव को बाहर निकलवाया।
वही प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव लगभग सुरक्षित अवस्था में मिला। मृतक के नाक से खून बह रहा था और शरीर पर केवल अंडरवियर था। शव देखते ही परिजन दहाड़ मारकर रो पड़े और घटना को साज़िशन हत्या बताते हुए विरोध जताने लगे।
प्रशासन ने कहा है कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है, और मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद गाँव में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।इसी बीच परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पाँच दिनों तक चल रही खोजबीन के बावजूद शव नहीं मिला, जबकि आज अचानक सतह पर मिल जाना संदेह पैदा करता है।
आशीष की बुआ ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रार्थना पत्र में फिसलने की बात जबरन लिखवाई जा रही थी, जिसका मैंने विरोध किया। प्रशासन सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है। इतने गंभीर मामले को यूँ ही छोड़ दिया जाए, तो हमें प्रशासन पर भरोसा नहीं। उच्चस्तरीय जाँच ज़रूरी है।मृतक के मामा कृष्ण यादव ने कहा कि मछली वाले तालाब में शव लगातार 5 दिन रहा और मछलियों ने उसे छुआ तक नहीं यह भी एक गंभीर विषय है घटना स्पष्ट रूप से साज़िश के तहत हत्या है।
वही स्थानीय निवासी विजय सिंह गौड़ ने भी आशिष की मौत को संदिग्ध करार देते हुए मामले की गहन जाँच की माँग उठाई है।ग्रामीणों का कहना है कि पाँच दिनों तक तलाश के बावजूद कोई सुराग न मिलना और अचानक शव का सतह पर तैरकर मिल जाना कई सवाल खड़े करता है।







