अमित मिश्रा
सोनभद्र । एक चौंकाने वाली और गूढ़ हत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। 1 जनवरी 2025 को चोपन रेलवे ब्रिज के नीचे जुगैल टोला पुरानडीह निवासी 36 वर्षीय आदिवासी युवक लल्लू राम खरवार का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक के पिता देवनाथ खरवार का आरोप है कि यह हत्या नहीं बल्कि उनकी बहू व अन्य लोगों की मिलीभगत से की गई बाज़ारू साजिश है, जिसके बाद लल्लू राम को नदी में फेंका गया।
जब इस दिल दहला देने वाली घटना पर पुलिस से मैहर बैंड बजने की उम्मीद थी, तब तक जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। देवनाथ खरवार के अनुसार उन्होने दर्जनों प्रार्थना पत्र सौंपे, लेकिन “एक चौकीदार भी नहीं आया” यह निराशा और आक्रोश का वो स्वरूप जो न्याय की गुहार सुनाने को तैयार नज़र आया। उन्हें खेद था कि प्रशासन की तरफ से कोई सक्रियता न हुई।
इस पर कांग्रेस और INTUC ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर निदेशक स्तर पर हस्तक्षेप किया। INTUC के जिला अध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष बृजेश तिवारी की अगुआई में आयोजित प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी प्रतिनिधियों के सामने स्मारक सौंपा। इसमें उन्होंने निष्पक्ष, तेज और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शमीम अख्तर खान, दूधनाथ खरवार, भैया राम खरवार व जुगैल बीडीसी सदस्य पन्नालाल समेत कई लोग शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की प्रभावी जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में कोई कमी नहीं रहने पायेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा जल्द व सार्वजनिक रूप से जांच रिपोर्ट देते हुए उचित सज़ा दिलाना हो या छानबीन एजेंसी बदलना PSU उच्च स्तरीय जांच की उम्मीद अब तेज हो गई है।
हालांकि बयानों में मिले आश्वासन और सक्रिय ढोलक की गड़गड़ाहट से परिवार तो संतुष्ट हो सकता है, लेकिन सम्मानजनक सुकून केवल पर्दाफाश और दोषियों को काबू में देखने से मिलेगा। लल्लू राम के पिता सहित पूरे गांव की नजरें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह मामला सिर्फ मृतक परिवार का नहीं, पूरे सोनभद्र जनपद का मुद्दा बन गया हुआ है, इसी दबाव में कहीं सफलता मिले और वो न्याय जो देवनाथ और पूरे इलाके को मिला नहीं, वह मिल सके।







