सोनभद्र। गुरुवार को कृषि भवन मंगुराही सोनभद्र के सभाकक्ष में आयोजित सब मिशन आंन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा), योजनान्तर्गत पच्चीस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल के साथ बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित होकर कृषक प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षित किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किया।
इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय प्रयागराज के निदेशक प्रसार डॉ प्रवीन चरन, बीज वैज्ञानिक डॉ. ए.के. चौरसिया, उप कृषि निदेशक वीरेन्द्र कुमार, प्रशिक्षण समन्वयक डा.टी.डी. मिश्रा दिनेश बियार राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अपना दल -एस सहीत समस्त किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल ने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाना चाहिए और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मा योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी खेती को और भी बेहतर बना सकें।
कृषि विश्वविद्यालय प्रयागराज के निदेशक प्रसार डॉ प्रवीन चरन ने कहा कि किसानों को अपनी फसल की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मा योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी खेती को और भी बेहतर बना सकें।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिले, इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मा योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी खेती को और भी बेहतर बना सकें।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण समन्वयक डा.टी.डी. मिश्रा ने कहा कि आत्मा योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी खेती को और भी बेहतर बना सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में अपना दल -एस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेश बियार ने कहा कि आत्मा योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी खेती को और भी बेहतर बना सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने आत्मा योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उन्हें आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी मिली है, जिससे वे अपनी खेती को और भी बेहतर बना सकेंगे।






