अमित मिश्रा
O- सोनभद्र में अवैध बालू खनन पर सवाल उठाने पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से दुर्व्यवहार, भाई से मारपीट
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । जनपद में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर गांव में अवैध बालू खनन की जांच करने पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव के साथ खनन माफियाओं द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार और हिंसा की घटना सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ओबरा तहसील अंतर्गत सोन नदी के मीतापुर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव अपने भाई राजेन्द्र यादव के साथ मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे।

स्कॉर्पियो वाहन को बनाया निशाना, भाई से की मारपीट
मौके पर मौजूद कथित खनन माफियाओं ने पहले अनिल यादव के साथ दुर्व्यवहार किया, फिर उनके स्कॉर्पियो वाहन की हवा निकाल दी। आरोप है कि इस दौरान उनके भाई राजेन्द्र यादव के साथ जमकर मारपीट की गई। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें जबरन उठाकर ले जाने की भी कोशिश की गई, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
प्रतिबंधित मशीनों से रोजाना हो रहा खनन
स्थानीय लोगों का कहना है कि रूद्रा माइनिंग लीज की आड़ में सोन नदी की मुख्यधारा को प्रभावित करते हुए प्रतिबंधित मशीनों से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। रोजाना सैकड़ों ट्रकों के जरिए बालू की निकासी की जा रही है, जिससे पर्यावरण और नदी तंत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

सत्ता संरक्षण के आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा खेल सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में चल रहा है, जिसके चलते नियम-कायदों को दरकिनार कर खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है।
पुलिस पहुंची मौके पर, क्षेत्र में बढ़ा आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही चोपन पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना न केवल अवैध खनन के बढ़ते नेटवर्क को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है, लेकिन यह मामला प्रदेश में अवैध खनन और कानून व्यवस्था पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।






