लंबित भुगतान से नाराज़ आशा कार्यकर्ता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदर्शन

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वीरेंद्र कुमार

O- मानदेय और प्रोत्साहन राशि न मिलने से आर्थिक संकट गहराया

विंढमगंज (सोनभद्र)। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। लंबे समय से लंबित मानदेय, प्रोत्साहन राशि और वर्ष 2025 में किए गए कार्यों के भुगतान को लेकर आशा बहनों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने शासन और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अपनी जमीनी समस्याओं की ओर खींचा।

आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात देखभाल सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की विभिन्न योजनाओं को सफल बनाने में वे लगातार सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद महीनों से भुगतान न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। कई आशा बहनों ने बताया कि समय पर मानदेय न मिलने से घर-परिवार का खर्च चलाना कठिन हो गया है, जबकि कार्य का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

प्रदर्शन में शाहजहां बेगम, रुक्मिणी देवी, विंदा देवी, सुनीता देवी, ललिता देवी, सरिता देवी, रूपा देवी, कुसुम देवी, उषा देवी, मीरा देवी, चिंता देवी, प्रतिमा देवी, रिंकू देवी, ममता देवी और मीना देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि भुगतान को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और उच्च स्तर पर ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।

आशा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सभी लंबित प्रोत्साहन राशि और मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए, भविष्य में भुगतान की समयबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए तथा आशा बहनों को न्यूनतम मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को उच्चाधिकारियों तक भेजने और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि, आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक भुगतान नहीं होता, तब तक उनका आक्रोश बना रहेगा।

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