अधिवक्ताओं ने वाराणसी प्रकरण व चंदौली हत्याकांड पर जताया रोष, जुलूस निकालकर किया विरोध

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। वाराणसी में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिसिया उत्पीड़न और चंदौली में अधिवक्ता कमला यादव की हत्या को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। इसी कड़ी में शनिवार को सोनभद्र बार एसोसिएशन और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की संयुक्त आपात बैठक आयोजित हुई, जिसमें अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।

बैठक की अध्यक्षता सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र एडवोकेट और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने की, जबकि संचालन महामंत्री अखिलेश कुमार पांडेय एडवोकेट ने किया। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम (अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट) तत्काल लागू करने तथा वाराणसी के अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।

निर्णय के बाद अधिवक्ताओं ने बार परिसर से जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए र्खण जयंती चौक तक प्रदर्शन किया। तत्पश्चात बार सभागार में आमसभा की बैठक आयोजित हुई, जहां अधिवक्ताओं ने अपनी रणनीति साझा की।

इस मौके पर अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विरोध प्रदर्शन में महेंद्र प्रसाद शुक्ल, रमेश देव पांडेय, अशोक प्रसाद श्रीवास्तव, शेष नारायण दीक्षित, रमेश प्रसाद चौबे, उमेश कुमार मिश्र, अतुल प्रताप सिंह, शारदा प्रसाद मौर्य, प्रेमबहादुर सिंह, प्रभात मिश्र, सुरेश पाठक, अरुण सिंघल, विनोद जायसवाल, मुनिराज शाह, शक्ति सेन, अनिल मौर्या, प्रदीप सिंह, त्रिपुरारी मिश्र, मोहित मिश्र, प्रदीप पांडेय, संदीप पांडेय, प्रमोद सिंह, अंकित सिंह गौतम, उत्कर्ष दीक्षित, अनिल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मनोज मिश्रा, त्रिपुरारी शंकर मालवीय, श्रीनिवास मिश्र, रामवृक्ष, अतुल पांडेय, अनुज अवस्थी, अभिषेक श्रीवास्तव, अविनाश रंजन त्रिपाठी, संदीप शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महिला अधिवक्ताओं गीता गौर, आरती पांडेय, कामिनी सिंह आदि ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

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