उद्यमियों की समस्याओं पर गंभीर हुआ प्रशासन

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अमित मिश्रा

O- उद्योग बंधु बैठक में व्यापारियों ने रखीं जीएसटी, ट्रांसफार्मर, स्वास्थ्य और सड़क से जुड़ी समस्याएं

सोनभद्र । जिले के उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बुधवार को विकास भवन स्थित सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह ने की, जबकि उपायुक्त उद्योग विनोद चौधरी ने समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी निभाई।

बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने व्यापारियों की जीएसटी संबंधी परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि व्यापारी यदि किसी व्यक्तिगत कारणवश समय पर जीएसटी R3B या R1 दाखिल नहीं कर पा रहा है, तो उसे धारा 46 के तहत 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। लेकिन कई मामलों में 15 दिन की अवधि पूरी होने से पहले ही धारा 125 के तहत ₹25,000 तक का दंड आरोपित कर दिया जाता है, जो कि अधिकतम सीमा है।

कौशल शर्मा ने इसे अनुचित और मनमाना बताते हुए कहा कि जब व्यापारी लेट फीस और ब्याज पहले ही चुका रहा है, तो अतिरिक्त दंड औचित्यहीन है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि “मेसर्स राठौर बिल्डिंग मैटेरियल बनाम कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स” केस में न्यायालय ने कहा है कि जहां विशेष दंड का प्रावधान न हो, वहां सामान्य दंड थोपना गलत है।

राबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र के 194 ट्रांसफार्मरों में से 62 को असुरक्षित बताया। उन्होंने धर्मशाला चौक, कचहरी तिराहा, मछलीगली और नवीन मंडी समिति में लगे ट्रांसफार्मरों की हालत पर चिंता जताई, जो ज़मीन से महज दो फीट ऊंचाई पर लगे हैं और किसी भी वक्त दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक ट्रांसफार्मर में पिछले साल ओवरहीटिंग से आग भी लग चुकी है, फिर भी सुरक्षा घेरा नहीं लगाया गया।

वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर स्थित सर्विस लेन की जर्जर स्थिति पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जल निगम द्वारा पाइपलाइन डालने के लिए सड़क की खुदाई की गई थी, जिसके बाद मरम्मत तो हुई लेकिन अब दो माह के भीतर ही बारिश में सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो गई है। यह मुद्दा भी जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया।

बैठक में राजकीय मेडिकल कॉलेज की डिजिटल एक्स-रे मशीन लगभग एक वर्ष से खराब होने की बात भी सामने आई। अधिकारियों द्वारा लगातार जल्द ठीक होने की बात कही जाती है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। इससे मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

बैठक में पंचायत उद्योग योजना के तहत नगर से सटे पकरी गांव में स्थापित सेनेटरी पैड निर्माण इकाई की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई। कौशल शर्मा ने बताया कि करीब ₹17 लाख की लागत से खरीदी गई मशीन और कच्चा माल अब बेकार पड़ा है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और स्वच्छता से जोड़ना था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से यह सपना अधूरा रह गया है।

उन्होंने कहा कि उपायुक्त उद्योग कार्यालय में 17 पदों में से केवल 4 पर ही नियुक्ति है। यह स्थिति तब है जब नीति आयोग द्वारा सोनभद्र जैसे 112 आकांक्षी जिलों के लिए सभी विभागों में रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जिला व्यापार संगठन के महामंत्री प्रीतपाल सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, दीप सिंह पटेल सहित अनेक व्यापार प्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उठाए गए मुद्दों पर जिला विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में व्यापार और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण विकसित हो सके।

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