चंदौली जिले के नौगढ़ ग्राम्या संस्थान की मैत्री परियोजना के तहत वाराणसी स्थित वरुणा ग्रांट होटल में ‘ज्ञान का पिटारा’ कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसमें चंदौली जिले के आठ विकास खंडों के 40 चयनित परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से पढ़ाने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

प्रशिक्षण में नौगढ़, चकिया, शहाबगंज, नियामताबाद, धानापुर, चंदौली, बरहनी और सकलडीहा विकास खंडों के शिक्षक शामिल हैं। ग्राम्या संस्थान के प्रशिक्षकों द्वारा ‘ज्ञान का पिटारा’ किट में उपलब्ध टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री), कहानी कार्ड, खेल-खिलौने और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों के उपयोग का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करना है। इसके लिए शिक्षकों को खेल-खेल में पढ़ाने और विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों की सीखने की क्षमता विकसित करने के तरीके बताए जा रहे हैं।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पहल से कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में ‘ज्ञान का पिटारा’ किट का उपयोग कर बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करेंगे।
प्रशिक्षण में ग्राम्या संस्थान की सचिव बिंदु सिंह के साथ सुरेंद्र, नीतू, पवन, अजय, प्रीति, विजयलक्ष्मी, अफसाना, किरन, बबिता प्रभा, प्रीतम और विकास सहित संस्थान की टीम के कुल 35 लोगों ने प्रतिभाग किया।










