प्रांत बौद्धिक प्रमुख कुलदीप ने दिया राष्ट्र-समाज के प्रति समर्पण का संदेश, सैकड़ों स्वयंसेवक रहे मौजूद
सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सोनभद्र नगर के स्वयंसेवकों द्वारा नगर स्थित रामलीला मैदान में विजयादशमी उत्सव हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम, भारत माता एवं संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर तथा शस्त्र पूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम में जिला संघचालक हर्ष अग्रवाल, नगर संघचालक संगम एवं प्रांत बौद्धिक प्रमुख कुलदीप मंचासीन रहे।
बौद्धिक उद्बोधन में प्रांत बौद्धिक प्रमुख कुलदीप ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विजयादशमी को विजयादशमी उत्सव के रूप में मनाता है। यह उत्सव समाज में संगठन, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने संस्कारों, जीवन मूल्यों और सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा एवं स्वाभिमान रखना चाहिए। केवल परंपरा से जुड़ना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को जीवन में उतारना भी आवश्यक है। पूर्वजों एवं महापुरुषों के योगदान के प्रति कृतज्ञता रखते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
कुलदीप ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। नवरात्र शक्ति संचय तथा आत्मशक्ति के जागरण का प्रतीक है, जबकि विजयादशमी उस शक्ति को समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में लगाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने आचरण, विचार और कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने, सज्जन शक्तियों को एकजुट करने और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
जिला प्रचार प्रमुख नीरज ने बताया कि उत्सव में सोनभद्र विभाग प्रचारक उपेंद्र, सेवा प्रमुख अवध, सोनभद्र नगर प्रचारक विशाल, नगर कार्यवाह विश्वनाथ, जिला व्यवस्था प्रमुख कीर्तन सिंह, जिला सेवा प्रमुख मनीष, जिला घोष प्रमुख तारकेश्वर सिंह सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
उत्सव के माध्यम से स्वयंसेवकों ने राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता, अनुशासन और समाजसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।









