सांसद- बोले अधिकारी हमारी भी नहीं सुनते, रिहंद जलाशय के दूषित पानी का मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन
म्योरपुर (सोनभद्र)। विकासखंड के ग्राम पंचायत कुण्डाडीह में सोनभद्र के सांसद छोटेलाल खरवार ने सोमवार को दौरा किया। आदिवासी समाज के आग्रह पर पहुंचे सांसद ने आदिवासी मूल निवासी महासभा के तत्वावधान में करमडार पूजा, प्रकृति-संस्कृति और आदिवासी परंपरा के पावन पर्व को लेकर समाज के लोगों से चर्चा की। मंगला प्रसाद की काश्त की जमीन पर करमडार पूजा आयोजन को लेकर विस्तृत बात हुई।
सांसद ने विंध्य एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए काटे जाने वाले जंगल पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे पर्यावरण को क्षति होगी और इसका सीधा असर मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। उन्होंने रिहंद जलाशय सहित रेणुका नदी के दूषित पानी पर आक्रोश जताया और कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
सांसद ने कहा कि ये कैसा लोकतंत्र है जहां अधिकारी सांसद की भी नहीं सुनते।
आदिवासी अधिकार मंच के बबई सिंह मरकाम एवं अन्य लोगों ने कुण्डाडीह में करमडांड़ पूजा स्थल का नाम करमडांड़ (सुंदरबन) करने, आने वाले समय में खाली पड़ी वन विभाग की जमीन पर फलदार, फूल एवं छायादार वृक्ष लगाने और सरकारी योजनाओं से इस जमीन को विकसित करने पर चर्चा की। मरकाम ने कहा कि अगर काश्त के मालिक जमीन देते हैं तो भविष्य में यहां विस्तार कर इसे बेहतर उपयोग में लाया जा सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दुबे ने नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की ओबी कंपनी एवं अन्य औद्योगिक कंपनियों में जिले सहित दक्षिणांचल के तकनीकी शिक्षा वाले युवाओं के रोजगार के विषय पर बात रखी।
24-25 अक्टूबर के कार्यक्रम पर बातचीत भी इस दौरान हुई।
इस मौके पर बसपा नेता संजय कुमार गोंड, बबई सिंह मरकाम, अमर सिंह खरवार, बाबू राम खरवार, देव शाह उरेती, मंगला प्रसाद मरकाम, तुलसीराम पनिका, देव सिंह उइके, हरिनाथ, प्रेमचंद यादव, बुद्धिनारायण यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।









