ब्यूरो चीफ़ – अमित मिश्रा
O- हर घर जल योजना पर भड़के विधायक भूपेश चौबे, अधिकारियों-ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप
सोनभद्र (उत्तरप्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना सोनभद्र में सवालों के घेरे में आ गई है। कागज़ों में लगभग पूरी दिख रही यह योजना ज़मीनी स्तर पर गंभीर खामियों से जूझती नजर आ रही है। इसी को लेकर सदर विधायक भूपेश चौबे ने नमामि गंगे और जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारियों के साथ कई बार बैठक कर कड़ी नाराजगी जता चुके है और साफ शब्दों में जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी दे चुके है।

जनता को शुद्ध पीने का पानी हर घर तक पहुंचे इसके लिए विधायक का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को फटकार लगाते चेतावनी दिया और कहा-
“यह कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना है। अगर इसमें लापरवाही या भ्रष्टाचार पाया गया तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जनता को हर हाल में शुद्ध पानी मिलना चाहिए, यह हमारी पहली जिम्मेदारी है।”
“नल लगाकर फोटो भेजना काम नहीं” : विधायक
विधायक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा-
“गांवों में नल कनेक्शन लगाकर फोटो खींच लेना और रिपोर्ट भेज देना ही काम नहीं है। जब तक हर घर में नियमित पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक योजना अधूरी मानी जाएगी। अगर कहीं भी फर्जी रिपोर्टिंग मिली तो सख्त कार्रवाई तय है।”
“मिलीभगत की शिकायतें मिल रही हैं”
विधायक ने साफ कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि-
“कुछ अधिकारी और ठेकेदार मिलकर काम कर रहे हैं और गुणवत्ता से समझौता किया गया है। अगर यह सच साबित हुआ तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो मामला मुख्यमंत्री और मंत्री स्तर तक उठाया जाएगा।”
आंकड़े बनाम हकीकत
सोनभद्र में-
- कुल 1,394 गांवों में से 1,321 गांव कवर दिखाए गए
- 3.13 लाख परिवारों में से 2.93 लाख को नल कनेक्शन
लेकिन-
- पानी की जरूरत: लगभग 22 करोड़ लीटर प्रतिदिन
- आपूर्ति: करीब 9 करोड़ लीटर प्रतिदिन
यानी करीब 40% की कमी, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहाअगर 90 प्रतिशत से ज्यादा घरों में नल लगे हैं तो पानी आधा क्यों है? इसका जवाब अधिकारियों को देना होगा।
टैंक खड़े हैं, पानी नहीं, यह स्वीकार्य नहीं
विधायक ने यह भी कहा कि जिले के कई ओवरहेड टैंक चालू नहीं हैं।
जब टैंक चालू नहीं हैं तो फिर उनका निर्माण किस लिए हुआ? यह सीधे-सीधे लापरवाही है। हर टैंक को तत्काल चालू किया जाए और जिम्मेदारी तय की जाए।
ग्रामीणों की पीड़ा पर सख्त रुख
विधायक ने कहा, ग्रामीणों की शिकायत है कि नल लगे हैं, लेकिन पानी नहीं आता। ऊपर से सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया। यह दोहरी मार है, न पानी मिला, न सड़क बची। इसे तुरंत ठीक किया जाए।
घटिया काम मिला तो जेल तक कार्रवाई होगी
निर्माण गुणवत्ता पर चेतावनी देते हुए विधायक ने कहा, जहां भी घटिया सामग्री या भ्रष्टाचार मिला, वहां सिर्फ नोटिस नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ी तो जिम्मेदार लोगों को जेल भी भेजा जाएगा।
लागत बढ़ी, लेकिन सुधार नहीं
योजना की लागत पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा, जब लागत ₹2200 करोड़ से बढ़कर ₹2500 करोड़ से अधिक हो गई, तो काम की गुणवत्ता क्यों नहीं सुधरी? जनता को इसका जवाब चाहिए।
अधिकारियों को अल्टीमेटम
विधायक ने सख्त निर्देश दिए । हर गांव में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बंद पड़े टैंक तुरंत चालू किए जाएं। उखड़ी सड़कों की मरम्मत कराई जाए। लंबित शिकायतों का तत्काल निस्तारण हो और साफ कहा, अगली समीक्षा में सुधार नहीं मिला तो सीधे कार्रवाई होगी, कोई भी बच नहीं पाएगा।
सोनभद्र में हर घर जल योजना अब एक बड़ी परीक्षा बन चुकी है। विधायक की सख्ती के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि- क्या हालात सुधरते हैं, या यह मामला और बड़ा प्रशासनिक संकट बनकर सामने आता है।









