म्योरपुर/सोनभद्र। म्योरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मधुबन के बरहपान तिराहे पर मंगलवार को बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ताओं का संविधान यात्रा पहुंचा और बैठक का आयोजन कर शिक्षा, स्वास्थ्य और समता को लेकर चर्चा की गई। सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा, युवा समाज कर्मी और वक्ता राकेश कुमार, मनोज, फूलवंती ने कहा कि शिक्षा ही मनुष्य जीवन का आधार है। इसके बुते ही हम दुनियां को समझ और परख सकते हैं। जल जंगल जमीन के सरंक्षण का आह्वान करते हुए उक्त वक्ताओं ने क्षेत्र के जंगल का इतिहास की जानकारी दी और बताया कि जंगल जड़ी बूटी और बेशकीमती पेड़ो के लिए मशहूर था यहां शेर और चिता खुले आम घुमाते थे। आज जंगल नदारत होने लगे हैं। हमे हर हाल में जंगल संरक्षित करना होगा। और बिना संगठन के यह संभव नहीं है। चंद्रावती ने संविधान के मूल तत्वों की जानकारी दी और कहा कि संविधान हमे स्वतंत्र जीवन जीने, के साथ धर्म संस्कृति, और बिना भेदभाव के समता मूलक समाज निर्माण का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि संगठन से ही समाज की नींव मजबूत होगी और हम अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं। बैठक में उपस्थित लोगों ने संविधान यात्रा के उद्देश्य को समझा और संगठन के माध्यम से समाज को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को संविधान के बारे में जानकारी दी और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।






