अमित मिश्रा
O- सोनभद्र में मतदाता सूची शुद्धिकरण का ऐतिहासिक अभियान
4.5 लाख डुप्लीकेट नामों का होगा सत्यापन, अब तक मतदाता सूची में 60 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़े
विशेष रिपोर्ट
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संचालित निर्वाचन नामावली वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम–2025 को प्रशासनिक, तकनीकी और लोकतांत्रिक दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में 4.5 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का घर-घर सत्यापन कराया जाएगा, मतदाता सूची में 60,157 शुद्ध नए मतदाता जुड़ने का आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है।
डुप्लीकेट नामों पर सख्ती, योग्य मतदाताओं को पूरा संरक्षण
प्रारंभिक जांच में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों में लगभग 4.5 लाख नाम डुप्लीकेट की श्रेणी में चिह्नित किए गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने बिना किसी जल्दबाजी के भौतिक सत्यापन का निर्णय लिया और व्यापक स्तर पर टीमों की तैनाती की गई।
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी बद्री नाथ सिंह ने कहा-
“मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की नींव है। सोनभद्र में यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न हो और कोई भी अपात्र नाम सूची में न रहे। इसी उद्देश्य से घर-घर जाकर सत्यापन कराया गया।”
बहु-विभागीय टीम ने संभाली जिम्मेदारी
इस अभियान के लिए पंचायत राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, सभी विकास खंडों के साथ-साथ BLO, शिक्षामित्र, पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत सहित सैकड़ों कर्मचारियों को लगाया गया। सभी कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सत्यापन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से पूरी की जाए।
स्वचालित नाम कटौती नहीं, दस्तावेज देने पर नाम सुरक्षित
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल ने स्पष्ट किया-
“यह प्रक्रिया किसी भी तरह से स्वचालित नाम कटौती नहीं है। जिन मतदाताओं ने वैध पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, उनके नाम नहीं काटे गए। केवल वही नाम हटाए गए जो सत्यापन में वास्तव में डुप्लीकेट या अपात्र पाए गए।”
अंतिम आंकड़े बोले – शुद्धिकरण से मजबूत हुई मतदाता सूची
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार-
- 621 ग्राम पंचायतों में पुनरीक्षण कार्य पूर्ण
- प्रारंभिक मतदाता संख्या: 12,48,188
- नए नाम जोड़े गए: 1,92,732
- डुप्लीकेट/अपात्र नाम हटाए गए: 1,32,575
- मतदाता विवरण में संशोधन: 26,914
- शुद्ध वृद्धि: 60,157 मतदाता
- वृद्धि प्रतिशत: 4.82%
- अंतिम मतदाता संख्या: 13,08,345
ब्लॉकवार स्थिति ने दिखाया प्रशासनिक संतुलन
- म्योरपुर: सर्वाधिक शुद्ध वृद्धि 10,391, कुल मतदाता 2,00,565
- चोपन: सर्वाधिक वृद्धि दर 8.93%, कुल मतदाता 1,56,238
- कोन: 6.91%
- बभनी: 6.17%
- घोरावल: 7,626
- राबर्ट्सगंज: 5,029 शुद्ध नए मतदाता
जनसहयोग से मिली सफलता
जिलाधिकारी / जिलानिर्वाचन अधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने आम नागरिकों के सहयोग को भी इस अभियान में सहभाग करने की अपील की, इसकी सफलता का अहम कारण बताया। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा-
“मतदाता टीमों का सहयोग करे, समय पर दस्तावेज उपलब्ध कराए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाए । यह सामूहिक प्रयास की सफलता होगी ।”
राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सोनभद्र में जिस संतुलन और पारदर्शिता के साथ मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है, वह
- फर्जी मतदान पर रोक
- निष्पक्ष चुनाव
- मतदाता अधिकारों की सुरक्षा
की दृष्टि से देश के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रभावी मॉडल बन सकता है।
सोनभद्र का यह अभियान न केवल आंकड़ों की दृष्टि से, बल्कि विश्वास, निष्पक्षता और प्रशासनिक जवाबदेही के स्तर पर भी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज किया जा रहा है।






