सामुदायिक वनाधिकार दावों को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

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O ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के बैनर तले 16 ग्राम सभाओं ने उठाई वर्षों से लंबित दावों के निस्तारण की मांग


सोनभद्र -। वनाधिकार कानून–2006 के अंतर्गत सामुदायिक वनाधिकारों की मान्यता और लंबे समय से लंबित दावों के निस्तारण की मांग को लेकर बुधवार को जनपद की 16 ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों ने ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिनियम लागू हुए लगभग दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जनपद में न तो व्यक्तिगत और न ही सामुदायिक वनाधिकारों की प्रक्रिया पूरी की जा सकी है। इससे आदिवासी, दलित एवं अन्य परंपरागत वनाश्रित समुदाय जल, जंगल और जमीन जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि दुद्धी, रॉबर्ट्सगंज एवं ओबरा तहसील की ग्राम सभाओं ने वर्ष 2012 और 2018 में उपजिलाधिकारी के माध्यम से अपने सामुदायिक दावा प्रपत्र प्रशासन को सौंपे थे, लेकिन अब तक उनका निस्तारण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दावों की स्थिति स्पष्ट न होने से वन विभाग द्वारा उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की कि सभी पुराने सामुदायिक दावा प्रपत्रों की खोज कराकर उनका शीघ्र एवं विधिसम्मत निस्तारण कराया जाए। साथ ही सामुदायिक वनाधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों को प्रारूप–क एवं प्रारूप–ग के तहत मान्यता दी जाए।
प्रदर्शन में मुन्नर सिंह गोड़, शुभलाल, महेंद्र चेरो, कैलाश, भगवंती, शीला, किस्मतिया, पार्वती देवी, नन्हकी, नंदू, जगवंत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

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