नवीन कुमार
O- पीस कमेटी बैठक में पुलिस-प्रशासन ने बनाई सख़्त रणनीति
कोन (सोनभद्र) । महाशिवरात्रि एवं होली पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को थाना कोन परिसर में पीस कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना निरीक्षक संजीव सिंह ने की, जिसमें सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सामाजिक समरसता को लेकर विस्तृत मंथन हुआ।
बैठक में क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों, विशेषकर सोननंदी क्षेत्र स्थित रानीडीह गुफा (गुप्ताधाम) में महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले विशाल मेले और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। हर वर्ष यहां उमड़ने वाली भीड़ के कारण यातायात बाधित होने की समस्या सामने आती है।
थाना निरीक्षक संजीव सिंह ने बताया कि बीते वर्ष हवन के दौरान उठे धुएं से आसपास के पेड़ों में मौजूद मधुमक्खियों के हमले से कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। इन घटनाओं से सबक लेते हुए इस वर्ष अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
रूट डायवर्जन की प्रमुख व्यवस्था
- रानीडीह (गुप्ताधाम) मेला क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
- बिहार की ओर से आने वाले भारी वाहनों को पोखरिया मार्ग से जिला मुख्यालय की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
- चकरिया से चोपन की ओर जाने वाले वाहनों को कोन मार्ग से भेजा जाएगा, ताकि मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने।
इस संबंध में रानीडीह एवं चकरिया चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
होली पर्व को लेकर सख़्त संदेश
होली पर्व को लेकर थाना निरीक्षक ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि यदि कहीं भी कच्ची शराब के निर्माण या बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इसके साथ ही अभिभावकों से विशेष आग्रह किया गया कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न दें और दोपहिया वाहनों की गति नियंत्रित रखें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में बागेसोती चौकी प्रभारी राकेश राय, चकरिया चौकी प्रभारी शिव प्रकाश यादव, सुधीर कुमार, मनोज कुमार, संतोष पासवान, अजय जायसवाल, सरफराज अली, रजिक अली, जगरनाथ पासवान, राजेश कुमार, विदेश कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की कि वे नियमों का पालन करते हुए पर्वों को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सकें।







