अभिषेक अग्रहरी
O- वन विभाग की ऐतिहासिक कार्रवाई, 10 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त, सरगना गिरफ्तार
ओबरा (सोनभद्र) । देश के वन संसाधनों को लूटने वाले अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर वन विभाग ने करारा प्रहार करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद अंतर्गत रेणुकूट वन क्षेत्र में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। वाराणसी–शक्तिनगर राष्ट्रीय मार्ग पर की गई इस कार्रवाई में करीब 10 टन अवैध खैर लकड़ी से लदा ट्रक जब्त किया गया, जबकि गिरोह के मुख्य सरगना समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

यह बड़ी कार्रवाई 14 दिसंबर 2025 को प्रभागीय वनाधिकारी कमल कुमार एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश पटेल के निर्देशन में पिपरी रेंज क्षेत्र में अंजाम दी गई। विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर रेणुकूट उड़ाका दल प्रमुख एवं प्रवर्तन दल प्रभारी राघवेंद्र कुमार के नेतृत्व में रानीताली चौकी से मालोघाट टोल तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान हाथीनाला की ओर से आ रहे संदिग्ध ट्रक संख्या HR 67 B 2413 को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने ट्रक भगाने की कोशिश की। वन विभाग की मुस्तैद टीम ने पीछा कर टोल प्लाजा के पास ट्रक को दबोच लिया। तलाशी में ट्रक से भारी मात्रा में खैर प्रजाति की अवैध लकड़ी बरामद हुई। चालक द्वारा लकड़ी से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह लकड़ी छत्तीसगढ़ से लोड कर वन सीमा का उल्लंघन करते हुए जरहा रेंज के रास्ते रेणुकूट वन क्षेत्र लाई जा रही थी। तस्करी को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रक से आगे रेकी वाहन लगाया गया था, जो लगातार लोकेशन साझा कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान रेकी में प्रयुक्त कार संख्या HR 71 J 3729 को भी जब्त कर लिया गया। इसी वाहन से हरियाणा निवासी कत्था व्यापारी एवं गिरोह का सरगना रिजवान और जरहा निवासी कलाम को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य रेकी वाहन में सवार रोशन, रिंकू, नसीम खान, इबादुल खान समेत कई आरोपी घने कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खैर लकड़ी की तस्करी में सक्रिय अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क की पुष्टि करती है, जिसमें अत्याधुनिक तरीके से रेकी और लोकेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और तस्करी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस साहसिक अभियान में पिपरी रेंज के वन दरोगा रवि यादव, छोटेलाल, संजीव, वन रक्षक मदनलाल, शैलेंद्र यादव, हिमांशु मौर्य तथा न्यूनतम वेतन कर्मी तीरथ राज और प्रेमचंद सहित कई कर्मियों की अहम भूमिका रही।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी और वन संरक्षण के लिए भविष्य में भी इस तरह की कठोर और निर्णायक कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहेंगी।







