ओबरा खनन हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज

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अमित मिश्रा

O- पूर्वांचल नव निर्माण मंच ने हादसे को ‘मानव-शृजित हत्या’ बताया, गैर-जनपदीय अधिकारियों की टीम गठित करने की मांग

सोनभद्र। ओबरा खनन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में मजदूरों की मौत को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को पूर्वांचल नव निर्माण मंच ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से घटना की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मंच ने साफ कहा कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि मानव-शृजित हत्या है, जिसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

गैर-जनपदीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम की मांग

मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने कहा कि स्थानीय स्तर की जांच से सच सामने आने की उम्मीद नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री को चाहिए कि गैर-जनपदीय उच्चाधिकारियों की एक विशेष जांच समिति तत्काल गठित की जाए।

उन्होंने मांग की-

  • ओबरा हादसा स्थल सहित पूरे क्षेत्र में संचालित सभी खदानों की भौतिक जांच की जाए
  • जो भी खनन पट्टे सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तुरंत निरस्त किया जाए
  • खनन संचालन में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की जांच कर कड़ी कार्रवाई हो

यह दुर्घटना नहीं, मानव-शृजित हत्या है: गिरीश पाण्डेय

गिरीश पाण्डेय ने कहा कि मजदूरों की मौतों के लिए सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक भ्रष्टाचार और अधिकारियों–ठेकेदारों की मिलीभगत जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा, यह केवल हादसा नहीं बल्कि मानव-शृजित हत्या है। जिस ढंग से बिना सुरक्षा मानकों के खनन चल रहा है, वह सीधे-सीधे मजदूरों को मौत की ओर धकेलना है।

सपा–बसपा बनाम भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप

पाण्डेय ने खनन व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा-

  • “सपा और बसपा सरकारों में अवैध खनन होता था, लेकिन वर्तमान में हालत और गंभीर है।”
  • “सपा–बसपा सरकारों के पूरे कार्यकाल के भ्रष्टाचार को जोड़ दिया जाए, तो भी आज की भाजपा सरकार में अवैध खनन और अवैध परिवहन उससे कहीं अधिक स्तर पर हो रहा है।”
  • “इसमें भाजपा के बड़े नेताओं की सहभागिता भी तय है, जिसे जांच से छुपाया नहीं जाना चाहिए।”

जनदबाव बढ़ा, न्याय की उम्मीद भी

खनन हादसे को लेकर कई सामाजिक संगठनों, मजदूर परिवारों और क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। पूर्वांचल नव निर्माण मंच की मांगों के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि जांच सिर्फ औपचारिक न होकर उच्चस्तरीय, पारदर्शी और परिणामकारी हो।

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