अमित मिश्रा
अवैध खनन की पोल खुली, पुलिस कब करती है दोषी पट्टाधारकों की गिरफ्तारी
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद के बिल्ली स्थित कृष्णा माइनिंग खदान हादसे में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 52 घंटे बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि रेस्क्यू अपने अंतिम चरण में है और जल्द आखिरी शव को भी बाहर निकाल लिया जाएगा।
घटना के बाद माइंस संचालक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। इस हादसे ने खनिज विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि जिले में सैकड़ों खदानें बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही हैं।
सोनभद्र में खनन सिंडिकेट का दबदबा इतना मजबूत बताया जा रहा है कि सैकड़ों करोड़ का अवैध खनन खुलेआम जारी है। यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है।
इस रेस्क्यू टीम में ओबरा पावर परियोजना, अल्ट्रा टेक, दुसान कम्पनी सहित खनिज विभाग, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम लगी है।







