अमित मिश्रा
सोनभद्र । बीएलओ ड्यूटी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नाम हटवाने की मांग को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी को नामित कर यह ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी परेशानियों को खुलकर सामने रखा और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर विभागीय कार्यों का पहले से ही अत्यधिक बोझ है। ऐसे में बीएलओ जैसे अतिरिक्त कार्य देना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि कार्यकत्रियों की क्षमता से भी परे है। उन्होंने कहा कि कई कार्यकत्रियां बुजुर्ग हो चुकी हैं, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं हैं या वे अपने बेटे-बेटियों के फोन से ही विभागीय ऐप्स और रिपोर्टिंग का काम कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज तक का खर्च उन्हें स्वयं उठाना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी न तो निर्वाचन कार्यों में लगाई जाए और न ही अन्य विभागीय कार्यों में। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ की जिम्मेदारी जबरन दी जा रही है, जो शासनादेश की खुली अवहेलना है। ज्ञापन के साथ उक्त शासनादेश की प्रति भी संलग्न की गई है।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि यदि जल्द ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का नाम बीएलओ ड्यूटी से नहीं हटाया गया और नई ड्यूटी नहीं रोकी गई तो विभागीय कार्यों में बाधा आएगी और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं और सरकार से तत्काल प्रभाव से राहत की मांग की।







