चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की गई। महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान के तत्वावधान में आज 21 जुलाई 2025 को जंगलों में ‘गुलेल विधि’ से वृक्षारोपण किया गया। इस विशेष तरीके में मिट्टी की गोलियों में बीज भरकर उन्हें जंगलों में फेंका जाता है, जिससे वहां प्राकृतिक रूप से पेड़ उग सकें।
संस्थान के छात्र वासी बच्चों ने मई और जून महीने में गुलर, पीपल, बरगद, चिलबिल, कटहल जैसे पेड़ों के बीजों को मिट्टी की गोलियों में भरकर तैयार किया और धूप में सुखाया। अब जुलाई माह में इन बीजों को नौगढ़ के विभिन्न जंगलों में फेंका जा रहा है।
आज का वृक्षारोपण अभियान नोनवट, पंडी, खेल्डिया, औरवाटॉड, सेमर और साधोपुर के जंगलों में चलाया गया। इस दौरान बच्चों ने जंगलों में पहुंचकर सैकड़ों बीज फेंके, जिससे आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी।
महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान के व्यवस्था प्रमुख सुरेश सिंह ने बताया कि यह वृक्षारोपण का नया तरीका है, जो नौगढ़ के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा। इस कार्य क्रम में पूर्ण कालिक कार्यकर्ता विजेंद्र कुमार, महेश कुमार, कन्हैया लाल एवं छात्र वासी बच्चों ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर पर्यावरण बचाने और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया।
इस अनोखी पहल से जंगलों में हरियाली बढ़ाने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।







