अमित मिश्रा
एनआरएलएम से जुड़ कर निर्मला ने अपनी और परिवार की दशा और दिशा को बदला है
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। कहते है न जहां चाह है वही राह है इसे साबित कर दिखाया है जनपद में विकास खण्ड सदर के बीचपई गांव की रहने वाली निर्मला देवी जो शीतला आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य है, जिनका चयन 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित परेड में शामिल होने किए लिए विशिष्ट अतिथि के रूप में किया गया है। जनपद के समूह के महिलाओं के लिए एक गौरव की बात है।
यह दूसरा मौका है जब जनपद की महिलाओं को दिल्ली जैसे राष्ट्रीय स्तर पर किसी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ है यह यहां के समूह की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे हैं बेहतर कार्यों का एवं जिला प्रशासन के कुशल नेतृत्व का परिणाम ही है कि महिलाएं अपने बेहतर कार्य की बदौलत न केवल जनपद स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने में सार्थक सिद्ध हो रही है।
निर्मला देवी जो अत्यंत ही निर्धन एवं गरीबी परिवार से संबंध रखती हैं। सन 2018 में इन्होंने शीतल आजीविका स्वयं सहायता समूह में बतौर सदस्य के रूप में कार्य करना प्रारंभ किया तब से निरंतर इन्होंने कई तरह के संघर्षों को और कई तरह की चुनौतियां को झेलते हुए इस सफलता को अर्जित करने में शामिल हुई है। इनके जीवन की यदि बात करें तो आज से 6 वर्ष पूर्व उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी किसी प्रकार से मेहनत मजदूरी करके भी जीवन यापन करना कठिन हो गया था।

निर्मला के परिवार में तीन बच्चे और पति हैं, आर्थिक अभाव एवं जानकारी की कमी के कारण यह कोई भी कुशल कार्य नहीं कर पा रही थी किंतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के पश्चात इन्हें विभिन्न तरह के प्रशिक्षण मिशन के द्वारा कराए गया। इसके पश्चात इन्होंने मोमबत्ती, अगरबत्ती एवं धूपबत्ती बनाने का कार्य प्रारंभ किया और धीरे-धीरे इस काम में यह निपुणता हासिल करती गईं। आज उनके द्वारा करीब 20 तरीके से मोमबत्तियां कई तरह की धूपबत्तियां एवं अगरबत्तियों का निर्माण किया जाता है। जिनकी मांग न केवल जनपद स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी है।
एनआरएलएम आजीविका मिशन के सहयोग से इन्हें आर्थिक सहायता भी 50 हजार रुपए प्रदान की गई थी जिसका उपयोग कर इन्होंने अपने व्यवसाय को और बेहतर किया साथ ही यह प्रत्येक माह 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी उक्त कार्य को कर रही हैं। इन्हें लखपति दीदी के रूप में भी भारत सरकार के द्वारा चिन्हित किया गया है जिसके परिणाम स्वरुप इनके बेहतर कार्य को देखते हुए इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित परेड में भी शामिल होने का अवसर भारत सरकार के द्वारा प्रदान किया गया है।
निर्मला दीदी आज स्वयं के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है और गरीबी की दलदल से किस तरीके से बाहर आई है। निर्मला अब अन्य महिलाओं को भी जागरूक कर रही है ताकि महिलाएं स्वालम्बी बने।
उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह ने बताया कि निःसन्देह निर्मला देवी का संघर्ष समूह की अन्य डेढ़ लाख महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। जनपद के लिए गर्व महसूस कराता है, जब इस तरह से कोई महिला एक छोटे से गांव से निकाल कर के राष्ट्रीय पटल पर अपने आप को प्रतिभावान के रूप में स्थापित करती है। इनके साथ-साथ समूह की और भी सैकड़ो महिला ऐसी हैं जो आज आजीविका मिशन से जुड़कर एक लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी कर रही हैं और अपने जीवन को बेहतर बना रही है।
जनपद की निर्मला दीदी के जीवन में बहुत ही अच्छा सुधार हुआ है यह समूह के माध्यम से अपनी आय अर्जित करके अपने बच्ची को बीएससी नर्सिंग, बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही है । इनके पति जो कि कभी बाहर कार्य किया करते थे आज इनके कार्यों मे हाथ बटा रहे हैं, उन्हें भी इनके साथ परेड में जाने का अवसर प्राप्त हुआ है।आजीविका मिशन निरंतर यह प्रयास कर रहा है कि जनपद में 50000 से ज्यादा महिलाओं को हम लखपति बना सकें और उनके जीवन में अस्तर में सुधार ला सके।







