इलाज में चिकित्सको की लापरवाही से प्रसूता की हुई मौत,परिजनों ने आरोप लगा स्टेट हाइवे की जाम

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

सदर कोतवाली क्षेत्र के उरमौरा चूर्क तिराहा का मामला

एक निजी अस्पताल में डिलीवरी का प्रकरण

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में लाख प्रयास के बाद भी स्वास्थ्य विभाग निजी हॉस्पिटलों पर नकेल नही कस पा रहा है जिसका परिणाम है कि आज एकबार फिर एक प्रसूता को अपनी जान देकर चिकित्सको की लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के उरमौरा स्थित एक निजी रामा हास्पिटल में शुक्रवार को एक प्रसूता की सन्दिग्ध परिस्थितियो में हुई मौत के बाद परिजनों के हंगामा करने पर सामने आया।


पीड़ित परिजनों ने बताया कि प्रसूता महिला की सुबह डिलीवरी के बाद अचानक हालत खराब होने की बात कह कर प्राइवेट चिकित्सकों द्वारा वाराणसी रेफर किया गया वहीं रास्ते में हुई मौत से परिजनों ने वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर जाम लगाकर चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की लगाई गुहार मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन से लगाया।


जानकारी के अनुसार अंजू देवी 25 वर्षीय पत्नी अजय कोटा गांव निवासी जो शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए दलालों के माध्यम से एक निजी अस्पताल कोतवाली क्षेत्र के उरमौरा स्थित लाया गया जहां चिकित्सकों द्वारा आश्वासन दिया गया कि आपका केस का पूरा ध्यान देते हुए कार्य किया जाएगा इसके उपरांत परिजनों द्वारा जो भी डिमांड चिकित्सकों द्वारा किया गया उसे परिजन पूरा करते रहे दोपहर बाद अचानक डिलीवरी के घंटे बाद विवाहिता की तबीयत खराब बताते हुए एंबुलेंस बुलाकर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। उधर जब परिजन एंबुलेंस में महिला को देख तो हक्का-बक्का रह गए यह देख तुरंत अपने परिजनों को सूचित किया चिकित्सकों के लापरवाही से विवाहिता की मौत का मामला परिजनों तक पहुंचते ही आनन फानन में दर्जनों की संख्या में पहुंचे परिजन अस्पताल के बाहर चिकित्सकों के लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर वाराणसी शक्ति नगर मार्ग जाम कर दिए। 

इधर पुलिस को इसकी सूचना होते ही मौके पहुंची पुलिस परिजनों से काफी देर तक वार्ता के बाद किसी तरह जाम खुलवाया गया।

बता दें कि परिजनों को डेढ़ लाख रूपए देकर मामला को रफा दफा करने की बात भी सुनने में आया फिर उधर परिजनों द्वारा इसको ना करते हुए चिकित्सक के ऊपर मामला दर्ज करने की बात शुरू हो गई। पीड़ित परिवार समाचार लिखे जाने तक थाने पहुंच कर एप्लीकेशन दिया हैं।

वहीं बता दे इस मामले में प्राइवेट अस्पताल झोलाछाप नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ गुलाब शंकर यादव ने बताया मामला संज्ञान में आया है सर्जरी के बाद हालत गंभीर होने पर प्रसूता को रेफर कर दिया गया था, रास्ते में उसकी मौत हो गई है। मृतका का पीएम होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी से वार्ता कर कार्रवाई की जाएगी।

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1544
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?