अधिशासी अभियंता पर भ्रष्टाचार का आरोप, ठेकेदार ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

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अमित मिश्रा

सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) । प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार ठाकुर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पंजीकृत डी श्रेणी की ठेकेदार सुनीता सिंह ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कराने की मांग की है।

क्या हैं आरोप?
ठेकेदार सुनीता सिंह का आरोप है कि अधिशासी अभियंता ने पंजीकरण वाले शासनादेश का हवाला देकर अवैध निविदा को वैध घोषित किया है। साथ ही, टी-1/टी-2 का हवाला देकर वैध पंजीकरण को अवैध घोषित करते हुए उसे लम्बित रखा गया है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने डी श्रेणी में पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ आवेदन किया था। बावजूद इसके, अधिशासी अभियंता ने टी-2 की शर्तों का हवाला देकर उनके पंजीकरण को अवैध करार दिया और उसे लंबित रखा है।

अवर अभियंता के पुत्र को मिला फायदा?
ठेकेदार सुनीता सिंह का यह भी आरोप है कि अधिशासी अभियंता ने अपने अधीनस्थ अवर अभियंता के पुत्र की अवैध निविदा को पंजीकरण वाले शासनादेश का हवाला देकर वैध घोषित कर दिया। इससे करोड़ों रुपये की निविदा स्वीकृत की गई है।

भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रमुख सचिव से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की गहनता से जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।

अधिकारियों की चुप्पी सवालों के घेरे में
इस मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारियों की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है। शिकायत के बावजूद अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

देखना होगा कि प्रमुख सचिव इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या जांच के बाद सच सामने आता है।

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