180 करोड़ वर्ष पुरानी जमतिहवा नाला की चट्टाने होंगी संरक्षित: संजीव गोंड

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में म्योरपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत रन टोला में स्थित जमतिहवा नाला के चितपहरी गुफा वाली 180 करोड़ वर्ष पुरानी समुद्र के तलहटी से निर्मित स्लेटी चट्टानों को सरंक्षित कर आस पास के जगहों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। ओबरा विधान सभा के विधायक और सूबे के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने जमतिहवा नाला श्मशान घाट तक पहुंच कर ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल से मंत्रणा की और पर्यटन के रूप में विकसित करने का आश्वासन देते हुए बताया कि जल्द ही पर्यटन विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारी के साथ बैठक कर इसकी रूप रेखा तैयार की जाएगी।

इस दौरान राज्य मंत्री ने कहा कि तीन साल पहले देश और विदेश के भू वैज्ञानिकों ने बीएचयू के प्रख्यात भू वैज्ञानिक डॉ वैभव श्रीवास्तव की अगुवाई में स्थलीय निरीक्षक किया था और इसे विश्व का अनोखा धरोहर बताया था। उनके अनुसार पृथ्वी इससे पहले चार बार उथल पुथल हुई है और अनेको बदलाव हुए है ।यह विश्व भर के भू गर्भ शोध छात्रों के लिए शोध केंद्र बनेगा। ऐसे में इस स्थानों को संरक्षित और सुगम रास्ता के साथ पर्यटन के रूप में विकसित किया जाना जरूरी है।

ग्राम प्रधान ने बताया कि आस पास रिंहद जलाशय का किनारा और जंगलों का अनुपम सुन्दर दृश्य पर्यटकों को लुभाएगा।

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