राजेश कुमार मिश्रा
46 हजार अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी, जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी
पीड़िता को प्रतिकर एवं पुनर्वास सहायता दिलाने का भी आदेश
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने वृहस्पतिवार को दोषसिद्ध पाकर दोषी कमलेश मौर्य को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई ,इसके साथ ही 46 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। वही अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वही पीड़िता को पुनर्वास सहायता का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, 4 जुलाई 2019 की अर्द्धरात्रि में अभियुक्त कमलेश मौर्य पुत्र विजय मौर्य निवासी भटौलीया, थाना रॉबर्ट्सगंज ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया तथा विरोध और शोर मचाने पर पीड़िता एवं उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में 9 जुलाई 2019 को थाना रॉबर्ट्सगंज में मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचना के उपरांत 26 सितंबर 2019 को आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के अंतर्गत 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹25,000 अर्थदंड, धारा 452 के अंतर्गत पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड तथा धारा 506 के अंतर्गत एक वर्ष का कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में क्रमशः पांच माह, चार माह एवं एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। अभियुक्त द्वारा बिताई गई निरोध अवधि को नियमानुसार सजा में समायोजित किया जाएगा।
न्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर उपलब्ध कराने तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पुनर्वास सहायता दिलाने के संबंध में भी आदेश पारित किया है।
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।









