अमित गुप्ता
आजमगढ़(उत्तर प्रदेश)। बालीबुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले से जुड़े मामले की जांच में जुटी विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। इसी सिलसिले में राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार तीन कथित शूटरों को मदद पहुंचाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार महिलाओं में एक उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा है, जबकि दूसरी 23 वर्षीय बबीता आजमगढ़ जिले के तहबरपुर क्षेत्र के कोठियार गांव की निवासी बताई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं हरियाणा के सोनीपत में निजी सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करती थीं। बताया जा रहा है कि राधा के संपर्क में रहने वाले कुणाल ने मुंबई में हथियार पहुंचाने की जिम्मेदारी उसे सौंपी थी। इस काम के लिए भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि दोनों महिलाएं हथियार लेकर मुंबई पहुंचीं और वहां एक नाबालिग लड़के को उनकी डिलीवरी कर दी।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि महिलाओं को इस काम में शामिल करने के पीछे मकसद पुलिस और अन्य लोगों का संदेह कम करना हो सकता है। हालांकि, मामले में दोनों महिलाओं की भूमिका और उन्हें पूरे घटनाक्रम की कितनी जानकारी थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बबीता का नाम सामने आने के बाद आजमगढ़ पुलिस भी उसके पुराने रिकॉर्ड और स्थानीय पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाने में लगी है। शुरुआती जांच में उसके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस उसके परिवार, गांव और पूर्व गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी एकत्र कर सकती है।
फिलहाल, इस मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है। बबीता के खिलाफ किसी पुराने आपराधिक मामले की पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने तक उसे दोषी मानना उचित नहीं होगा। आजमगढ़ के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि मुंबई दिल्ली हरियाणा पुलिस के कहने पर आजमगढ़ की पुलिस सहयोग कर रही है आजमगढ़ पुलिस लड़की के पिछले बैकग्राउंड के बारे में भी जानकारी कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि लड़की अपने रिश्तेदार के यहां सोनीपत क़रीब 3 साल पहले गई थी। वही प्राईवेट सिक्योरिटी गार्ड थी।









