अमित मिश्रा
O- सोनभद्र बिजली हादसे में बड़ी कार्रवाई
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 11 हजार वोल्ट लाइन पर काम के दौरान संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक सख्ती का रूप ले लिया है। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के जोगिनी गांव में हुए इस हादसे के बाद बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों पर गाज गिरा दी है।

अधीक्षण अभियंता ई0 हेमराज सिंह ने पुष्टि की है कि राबर्ट्सगंज डिवीजन के अधिशासी अभियंता (EXEN), घोरावल के एसडीओ तथा जेई शैलेश प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही के आरोप में दो संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई मिर्जापुर के मुख्य अभियंता के निर्देश पर की गई।

शटडाउन के बावजूद कैसे बहाल हुई बिजली?
प्रारंभिक विभागीय जांच में समन्वय की गंभीर चूक सामने आई है। जानकारी के अनुसार, लाइन पर कार्य के दौरान शटडाउन लिया गया था, लेकिन इसी बीच बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। इसी लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता ईo हेमराज सिंह ने बयान जारी कर कहा कि यह हृदयविदारक घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही का परिणाम है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है और विस्तृत जांच जारी है।

मुआवजा और आगे की कार्रवाई
विभाग ने मृतक संविदा लाइनमैन के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, परिजन और संविदा बिजलीकर्मी पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर देशभर में विद्युत विभागों में सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।






