
रिपोर्टर वीरेंद्र कुमार
विंढमगंज (सोनभद्र) । भारती इंटरमीडिएट के खेल मैदान से सटे निरंतर बहने वाली सततवाहिनी नदी के तट पर निर्मित छठ घाट पर आज श्रद्धा भाव से पूर्ण अपने पुरखों को तर्पण स्थानीय जनों ने पंडित आनंद कुमार द्विवेदी व बबलू तिवारी के नेतृत्व में हे विद्वान ब्राह्मण के द्वारा कराया गया अपने पूर्वजों को तर्पण करने के क्रम में पंडित बबलू तिवारी व आनंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि अपने पितरों की संतुष्टि प्रसन्नता और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्राद्ध तर्पण आवश्यक करना चाहिए पितृ तर्पण विद्रोह मुक्ति के लिए स्वर्ग की सीढियां कहा जाता है शास्त्रों में श्रद्धा की बहुत महिमा बताई गई है श्रद्धा से स्वयं के कल्याण के साथ-साथ 101 कूलों का भी उद्धार होता है श्रद्धा पखवाड़ा में बनाए गए नियमों का पालन करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है तथा पिंडदान करके श्राद्ध कर्म संपन्न कराया जाना अनिवार्य बताया गया है शास्त्रों के अनुसार पुत्र ही पिता का श्राद्ध कर्म करता है ऐसे में जो लोग निह: संतान थे उन्हें तृप्ति कैसे मिलेगी उसके लिए भी शास्त्रों में कुछ विधान बताए गए हैं यदि परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं है तो ऐसी स्थिति में स्त्री भी संकल्प लेकर श्राद्ध कर सकती है पितृ पक्ष में पितृ दोष दूर करने के उपाय जरूर करनी चाहिए ताकि पित्र प्रसन्न होकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद अपने परिवारजनों को देते हैं इस मौके पर तर्पण करने वालों में दीनानाथ जयप्रकाश जयसवाल दीपू जयसवाल सुरेंद्र गुप्ता राजाराम गुप्ता कमलेश गुप्ता महेंद्र गुप्ता शशि जायसवाल सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।






