रवि पाण्डेय 9450160763
O- जनाक्रोश, प्रशासन और प्रदूषण विभाग पर उठे गंभीर सवाल
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक जिले सोनभद्र में प्रदूषण का एक और गंभीर चेहरा सामने आया है। सदर विकासखंड की ग्राम सभा लसड़ा में राइस मिलों की लापरवाही और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की निष्क्रियता के खिलाफ ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। गांव के मुख्य मार्ग पर लगातार गिराई जा रही राख और भूसी ने लोगों का जीना दुर्भर कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की गोलू राइस मिल से धान की भूसी और अनन्या राइस मिल से निकलने वाली राख खुलेआम गांव के रास्ते से ढोई जा रही है। नतीजा यह है कि सड़क, घर, छत, आंगन, सब कुछ राख की परत में ढक चुका है। हवा चलने पर हालात और भयावह हो जाते हैं, जब राख का गुबार बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सांसों में घुल जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल असुविधा नहीं, बल्कि सीधा-सीधा स्वास्थ्य पर हमला है। दमा, आंखों में जलन, त्वचा रोग और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद न मिल मालिकों को रोकने की कोशिश हो रही है और न ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग कोई ठोस कार्रवाई करता दिखाई दे रहा है।

पहले भी हुई शिकायत, फिर भी खामोशी
ग्रामीणों ने खुलकर आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर पहले भी संबंधित विभागों में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन नोटिस और निरीक्षण सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गए। इससे साफ है कि या तो नियमों की अनदेखी हो रही है या फिर प्रभावशाली मिल संचालकों के आगे सिस्टम नतमस्तक है।
प्रदूषण विभाग का बयान
इस मामले में सोनभद्र के प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने कहा-
“ग्रामीणों की शिकायत गंभीर है। यदि राइस मिलों द्वारा खुले में राख और भूसी का परिवहन किया जा रहा है, तो यह नियमों का उल्लंघन है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित मिलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
हालांकि, सवाल यह है कि जब समस्या लंबे समय से बनी है, तो कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई?
जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह का सख़्त रुख
प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा-
“किसी भी कीमत पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि राइस मिलों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाया जा रहा है, तो उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण विभाग और प्रशासन को तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।”
ग्रामीणों की दो टूक मांग
ग्रामीणों की साफ मांग है कि
- गांव के मुख्य मार्ग से राख और भूसी के परिवहन पर तत्काल प्रतिबंध लगे,
- दोषी राइस मिलों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो,
- और प्रदूषण विभाग की भूमिका की भी जवाबदेही तय की जाए।
प्रदर्शन में संजय विश्वकर्मा, विकास पांडेय, गिरजा शंकर पासवान, सरमा, छोटू पांडेय, देवी पांडेय, अनूप, सोनू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कड़वा सवाल
क्या सोनभद्र में औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण फैलाने की खुली छूट है?
और क्या नियम सिर्फ कागज़ों के लिए बने हैं, ज़मीन पर लागू करने के लिए नहीं?






