पंचायतों के स्वयं के श्रोत से आय विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

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अमित मिश्रा

O- रॉबर्ट्सगंज विकासखंड के सचिव व पंचायत सहायकों ने लिया हिस्सा

सोनभद्र। उप निदेशक (पंचायत), विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के निर्देशन में पंचायतों के स्वयं के श्रोत से आय विषय पर जनपद सोनभद्र के विकास खंड रॉबर्ट्सगंज के सचिवों एवं पंचायत सहायकों का दो दिवसीय अनावासी प्रशिक्षण डीपीआरसी भवन सोनभद्र में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण दो अलग–अलग बैचों में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का शुभारंभ अपर जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया तथा समापन उप निदेशक (पंचायत) विंध्याचल मंडल मिर्जापुर द्वारा किया गया।

उप निदेशक ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत एक स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करती है, लेकिन विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि की आवश्यकता होती है। राज्य एवं केंद्र सरकार से मिलने वाली धनराशि पूर्वनिर्धारित कार्यों तक ही सीमित रहती है। ऐसे में पंचायत यदि स्वयं के श्रोतों से आय अर्जित करती है तो वह अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य कर सकती है।

उन्होंने पंचायतों के संभावित स्वयं के श्रोत, जैसे किराया वसूली, ठेला शुल्क, हाट–बाजार शुल्क, तालाब पट्टा, चारागाह राजस्व आदि की जानकारी देते हुए बताया कि 1500 से कम आबादी वाली पंचायतें यदि 10,000 रुपये तक की स्वयं आय अर्जित करती हैं तो उन्हें आत्मनिर्भर पंचायत पुरस्कार अंतर्गत 5,000 रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 10,000 रुपये से अधिक आय पर उसका पाँच गुना प्रोत्साहन दिया जाएगा।

उन्होंने सभी सचिवों व पंचायत सहायकों से अधिक से अधिक OSR (Own Source Revenue) बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि पंचायतें अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को स्वतंत्र रूप से संचालित कर सकें।

प्रथम बैच में प्रशिक्षक संदीप कश्यप और शाहीन बनो, तथा द्वितीय बैच में विनय कुमार और संजू कुशवाहा ने OSR के सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण का संचालन राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ फैकल्टी डीपीआरसी सोनभद्र, ने किया।

दो दिवसीय इस प्रशिक्षण को पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय निकाय अपनी विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी रूप से लागू कर सकेंगे।

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