अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रशिक्षु महिला व पुरुष आरक्षियों को उप्र पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा ब्रीफ किया गया। प्रशिक्षण में पुलिसिंग के परंपरागत मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान, संवाद कौशल नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार इत्यादि तमाम अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।
सोशल मीडिया संवाद का एक सशक्त माध्यम है और अधिकांश पुलिसकर्मी भी अपने विचारों की अभिव्यक्ति सोशल मीडिया पर करते रहते हैं। जिसके दृष्टिगत नव नियुक्त आरक्षियों के द्वारा सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय विभागीय नीति नियमों एवं अनुशासन का उल्लंघन न किया जाये जिसके अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार द्वारा जनपद में प्रशिक्षण हेतु आये महिला व पुरुष नवनियुक्त आरक्षियों को डीजी के सम्बन्ध में विस्तृत रुप से जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पॉलिसी में दिये गये निर्देशों का पालन किया जाय।
सोशल मीडिया पालिसी के तहत सरकारी कार्य के दौरान सोशल मीडिया का व्यक्तिगत प्रयोग न करने, कार्य सरकार के दौरान वर्दी में वीडियो व रील्स न बनाने, सरकारी एवं व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्लेटफार्म से किसी भी व्यक्तिगत व्यवसायिक कम्पनी अथवा उत्पाद का प्रचार-प्रसार न करे।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विभागीय गोपनीय जानकारी को साझा न करने, सोशल मीडिया प्लेट फार्म से किसी प्रकार का धनार्जन व अन्य आय प्राप्त न करने, अपराध अन्वेषण, विवेचनाधीन या न्यायालय में लम्बित प्रकरणों से सम्बन्धित कोई गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें।
इसके साथ ही किसी भी गोपनीय सरकारी दस्तावेज, हस्ताक्षर रिपोर्ट अथवा पीड़ित के प्रार्थना पत्र को सोशल मीडिया पर साझा न करने, विभाग में असंतोष की भावना की फैलाने वाली पोस्ट साझा न किया जाय।
सोशल मीडिया पर अश्लील व हिंसात्मक भाषा का प्रयोग एवं अश्लील फोटो और वीडियो साझा न करने, सोशल मीडिया एकाउंट की सुरक्षा हेतु स्ट्रांग पासवर्ड बनाने और निरन्तर बदलते रहने तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु Two Factor Authentication का प्रयोग करने, किसी भी संदिग्ध लिंक न खोलने इत्यादि के बारे में जानकारी देते हुए अनुपालन करने हेतु निर्देशित किया गया।







