सोनभद्र हादसा : 7 फरवरी को पुलिस के खिलाफ ‘महान्याय पंचायत’

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अमित मिश्रा

O- CO की गाड़ी पलटने से महिला की मौत, सच ट्रक की टक्कर या पुलिस वाहन? 7 फरवरी को ‘महान्याय पंचायत

O- 26 जनवरी की ड्यूटी से लौटते समय हादसा

सोनभद्र। जिले के मुर्धवा क्षेत्र में 26 जनवरी को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पुलिस-प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। गणतंत्र दिवस की परेड संपन्न कराने के बाद पुलिस लाइन से लौट रहे क्षेत्राधिकारी (CO) हर्ष पाण्डेय की सरकारी गाड़ी सड़क पर चल रही एक महिला को बचाने के प्रयास में सामने से आ रहे ट्रक के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई।

महिला की मौत, कई घायल

हादसे में कमलेश पटेल की पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में क्षेत्राधिकारी हर्ष पाण्डेय, सरकारी वाहन चला रहा पुलिस का कांस्टेबल चालक तथा अन्य हमराही भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घायलों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने क्षेत्राधिकारी, चालक और अन्य घायल पुलिसकर्मियों को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

हादसे को लेकर दो दावे

पुलिस का कहना है कि महिला की मौत सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से हुई, जबकि CO की गाड़ी महिला को बचाने के प्रयास में खाई में पलटी।
वहीं मृतका के परिजन इस दावे को खारिज करते हुए आरोप लगा रहे हैं कि महिला की मौत ट्रक से नहीं, बल्कि क्षेत्राधिकारी की सरकारी गाड़ी की टक्कर से हुई है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद सच्चाई को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

परिजनों की मांग: कार्रवाई और मुआवजा

पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और सरकारी मुआवजे की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि जब तक घटना की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।

7 फरवरी को पुलिस के खिलाफ ‘महान्याय पंचायत’

परिजन इससे पूर्व जिलाधिकारी सोनभद्र से मिलकर कारवाही और मुवावजे की मांग कर चुके है,  इस मामले ने अब सामाजिक-राजनीतिक रूप ले लिया है। सरदार सेना ने इस प्रकरण को लेकर 7 फरवरी को पुलिस के खिलाफ ‘महान्याय पंचायत’ आयोजित करने की घोषणा की है।
सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाएंगे।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत और स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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