अमित मिश्रा
O- सीमेंट कंपनी परिसर में सो रहे बुजुर्ग की हत्या, CCTV तोड़कर लूट की साजिश
O- सोनभद्र पुलिस का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सीमेंट कंपनी परिसर में सो रहे एक बुजुर्ग की बेरहमी से पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी ने लूटपाट की और पहचान छिपाने के लिए CCTV सिस्टम तक तोड़ डाला।
इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए ओबरा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोते हुए व्यक्ति पर ताबड़तोड़ वार
मामला ओबरा थाना क्षेत्र स्थित गिरधर सीमेंट्स लिमिटेड परिसर का है। 7 फरवरी की दरम्यानी रात कंपनी निदेशक के चाचा विष्णु हरि उपाध्याय बरामदे में सो रहे थे।
इसी दौरान कंपनी का पूर्व कर्मचारी श्रवण सिंह उर्फ श्रवण गोंड चारदीवारी फांदकर अंदर घुसा और सोते हुए उपाध्याय के सिर पर पत्थर से तीन से चार वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद लूट और सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने मृतक के पास से चाबियों का गुच्छा लिया और ऑफिस का दरवाजा खोलकर दराज से लगभग 6500 रुपये नकद और मोबाइल फोन निकाल लिया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए CCTV कैमरे को तोड़ दिया और मॉनिटर व प्रिंटर को पास के नाले में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया, ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, 5 दिन में खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
12 फरवरी की देर रात मुखबिर की सूचना पर बग्घा नाला ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पहले इसी कंपनी में तकनीशियन के पद पर कार्यरत था। नौकरी से निकाले जाने और मृतक द्वारा डांटे जाने से वह रंजिश पाल बैठा था। बदले की भावना में उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
बरामद हुआ लूटा गया सामान
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने:
▪ मृतक का मोबाइल फोन
▪ नकद राशि
▪ HP कंपनी का प्रिंटर
▪ लेनोवो मॉनिटर
बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बड़ा सवाल
क्या छोटी-सी रंजिश इतनी खतरनाक हो सकती है कि कोई इंसान सोते हुए व्यक्ति की जान ले ले?
क्या निजी द्वेष अब संगठित अपराध का रूप लेता जा रहा है?
ओबरा की यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में पनपती हिंसक मानसिकता का भयावह संकेत है।






