सोनभद्र। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, के संज्ञान में यह अत्यंत गंभीर विषय आया है कि रॉबर्ट्सगंज स्थित एक पब्लिक स्कूल में बोर्ड परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के हाथ में बंधा कलावा तथा गले में पहनी धार्मिक माला को विद्यालय के शिक्षक द्वारा जबरन काट दिया गया। यह कृत्य न केवल विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।
इस संबंध में जब जिला विद्यालय निरीक्षक को सूचना दी गई, तब भी संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। विद्यालय के प्राचार्य द्वारा यह कहा गया कि यह नियम विद्यालय द्वारा स्वयं बनाया गया है। जबकि सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई ) की आधिकारिक गाइडलाइन में इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के धार्मिक प्रतीकों को हटाया जाए, जब तक कि वे किसी प्रकार की अनुचित सामग्री न हों। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सोनभद्र इस घटना की कड़ी निंदा करता है। परिषद का मानना है कि परीक्षा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है, परंतु इसके नाम पर विद्यार्थियों की आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अतः परिषद की मांगें निम्नलिखित हैं: उक्त घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक/प्रशासन के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की जाए। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। जिला विद्यालय निरीक्षक इस विषय में स्पष्ट लिखित स्पष्टीकरण दें। यदि शीघ्र ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सोनभद्र लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की होगी। अंत में, परिषद यह स्पष्ट करना चाहती है कि विद्यार्थियों के सम्मान, अधिकार और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा हेतु वह सदैव प्रतिबद्ध है।






