सोनभद्र। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद में उच्च प्राथमिक विद्यालय ककराही में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मुलन कार्यक्रम के अन्तर्गत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन/आइवरमैक्टिन ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम०डी०ए०-आई०डी०ए०) अभियान का शुभारम्भ मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके राय तथा इस अभियान के नोडल अधिकारी डा. प्रेमनाथ, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से दवा का सेवन कर किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ककराही के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. गुरू प्रसाद ने फाइलेरिया रोग के बारे में बच्चों को अवगत कराया।
जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेन्द्र नारायण श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि जनपद में फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 2 ब्लॉकों ककराही, घोरावल में 10 फरवरी से 28 फ़रवरी तक एमडीए आईडीए अभियान चलाया जाना है, एमडीए अभियान के दौरान घर-घर जाकर 02 वर्ष के ऊपर की समस्त आबादी को डीईसी, आईवरमेक्टिन एवं अल्बेन्डाजोल की टैबलेट आयुवर्ग के अनुसार खिलायी जायेगी।
दवा खिलाये जाने हेतु कुल 578 टीमें बनायी गयी है, प्रत्येक टीम में 02 सदस्य होगे जो सप्ताह के सोमवार, मंगलवार, गुरुवार तथा शुक्रवार में प्रत्येक दिन लगभग 20 से 25 घरों में (गर्भवती महिला, गंभीर बीमार तथा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर) सभी लोगों को दवा खिलायेगें, टीम के निरीक्षण हेतु कुल 108 सुपरवाइजर लगाये जायेंगे, प्रत्येक सुपरवाइजर 05 से 06 टीमों का निरीक्षण करेगे।
इस अवसर पर समस्त शिक्षकों के साथ प्रधानाचार्या भवानी देवी, मलेरिया निरीक्षक देवाशीष पांडेय, एलटी राहुल, सुशील, धर्मदेव भारती, बी.सी.पी.एम. ककराही, अमरनाथ यादव, एस.एफ. डब्लु. सभाजीत, मॉनिटर अंजनी एवं पीसीआई से शिवम उपस्थित रहे।
ब्लॉक घोरावल में इस अभियान का शुभारम्भ उप जिलाधिकारी घोरावल, आशीष कुमार त्रिपाठी के द्वारा स्वयं एल्वेंडाजोल, डी.ई.सी. और आइवरमैक्टिन की दवा का सेवन कर किया गया और लोगो को खिलाकर जनमानस से अपील किया कि इस अभियान में टीम घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलायेगी उसे सभी लोग अवश्य टीम के सामने ही खाकर इस बीमारी से समाज को फाइलेरिया से मुक्त करने में मदद करें और अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. प्रेमनाथ, ब्लॉक घोरावल के अधीक्षक डा. नरेन्द्र सरोज, तहसीलदार प्रवीण सिंह, आरके सिंह, अनिल कुमार दूबे, अखिलेश, प्रशांत दूबे इत्यादि उपस्थित रहे।






