गुरु के आशीर्वाद से राजा दशरथ को चार- पुत्र हुए: आचार्य सौरभ भारद्वाज

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O बरैला महादेव मंदिर में चल रहा श्रीअभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ

सोनभद्र। रावटसगंज के बरेला महादेव मंदिर पर चल रहे श्रीअभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा ज्ञानयज्ञ के चतुर्थ दिवस में आचार्य  सौरभ भारद्वाज ने मानस की चौपाई कथा जो सकल लोक हितकारी। सो पूछन चंह शैल कुमारी।। अर्थात भगवती पार्वती जी ने महादेव से कथा जो समाज में मनुष्य पशु पक्षी जन का कल्याण करें वह कथा सुनने के लिए कहती हैं।
महादेव प्रसन्न होकर के भगवती पार्वती को कथा श्रवण कराते हैं सर्वप्रथम भगवान के जन्म के कारण क्या थे इसके विषय में शंकर जी ने कथा श्रवण कराया। एक बार भूपति मन माही। भए गलानी मोरो सुतनाही।। अर्थात एक बार श्री राजा दशरथ जी के मन में ग्लानि हुई कि हमें संतान नहीं है तब राजा दशरथ अपने गुरु वशिष्ठ जी के आश्रम गए और गुरु के आशीर्वाद से राजा दशरथ जी को चार-चार पुत्र हुए राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न।
इसलिए गुरु की कृपा हो जाए तो सभी काम अपने आप बन जाते हैं क्योंकि श्री रामचंद्र जी ने रामचरितमानस में उत्तराखंड में चौपाई के माध्यम से कहा गुरु वशिष्ठ कुल पूज्य हमारे। तिनकी कृपा दनुज रन मारे।। इसलिए हमारे प्रथम गुरु हैं मां द्वितीय पिता एवं तृतीय दीक्षा गुरु एवं शिक्षा गुरु ही श्रेष्ठ है।


वहीं पर श्री राम कथा में पधारी राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी शिवानी ने नारद मोह प्रसंग सुनाया। प्रातः काल बेला में देवाधिदेव महादेव श्री बरैला नाथ का रुद्राभिषेक रॉबर्ट्सगंज से आए जागृति योग प्रशिक्षण केंद्र के अनीता गुप्ता 11 मातृशक्ति एवं संदीप केसरी, संजय राय, के द्वारा विधि विधान से पूजन अर्चन वंदन किया गया।
वेद मित्रों की ध्वनि से क्षेत्र हो रहा है गूंजयमान। यज्ञ कमेटी के संरक्षक अरविंद शरण सिंह ने सभी भक्त जनों से निवेदन किया कि 12 अप्रैल तक शाम 6:00 से रात्रि 10:00 तक आगंतुक कथावाचक पंडित धर्मराज शास्त्री विंध्याचल एवं पंडित प्रकाश चंद्र विद्यार्थी जौनपुर दिव्य प्रवचन का जरूर लाभ उठाएं और साथ में वर्षी यज्ञ सकुशल संपन्न हो 13 तारीख को प्रसाद वितरण भंडारा का कार्यक्रम सफल हो।

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